सोरोंजी। प्रत्येक एकादशी को लगने वाली शूकर क्षेत्र की पंचकोसी परिक्रमा इस बार 29 अगस्त बृहस्पतिवार को अजा एकादशी पर लगेगी। सुबह 6 बजे वराह मंदिर से शूकर क्षेत्र पंचकोसी परिक्रमा प्रारंभ होगी। इससे पूर्व हरि की पौड़ी में गंगा स्नान कर परिक्रमार्थी भगवान वराह की पूजा कर आरती उतारेंगे।
परिक्रमा संयोजक शरद कुमार पांडेय ने बताया कि भाद्रपद मास की कृष्ण पक्ष की एकादशी को अजा एकादशी के नाम से जाना जाता है। पद्म पुराण के अनुसार अजा एकादशी का व्रत रखने से व्यक्ति के जीवन में सुख समृद्धि का वास होता है। तीर्थ पुरोहित सुरेंद्र महेरे ने बताया कि पंचांग के अनुसार भाद्रपद माह के कृष्ण पक्ष की एकादशी तिथि की शुरुआत 29 अगस्त को देर रात 01 बजकर 19 मिनट पर होगी। वहीं इसका समापन 30 अगस्त को देर रात 01 बजकर 37 मिनट पर होगा। ऐसे में अजा एकादशी व्रत 29 अगस्त को किया जाएगा। 29 अगस्त को दो शुभ योग भी बन रहे हैं। पहला सिद्धि योग और दूसरा सर्वार्थ सिद्धि योग। इस दौरान आप जो भी पूजा पाठ करेंगे, वह सभी सिद्ध और सफल होते हैं। अजा एकादशी के दिन दान पुण्य के कार्य करने का दोगुना फल प्राप्त होगा। 30 अगस्त को लाभ चौघड़िया में 7 बजकर 34 मिनट से 9 बजकर 10 मिनट तक हैं। इस दौरान व्रत का पारण बेहद शुभ रहने वाला है।