मध्य प्रदेश के मंदसौर गैंगरेप कांड के बाद लोगों में आक्रोश है। इस बीच आगरा में एक और शर्मनाक मामला सामने आया है। खंदौली क्षेत्र के एक गांव में पंचायत ने किशोरी की आबरू की कीमत लगाई और रेप के आरोपी को छोड़ दिया।
इतना ही नहीं पीड़ित किशोरी के परिवार को फरमान सुना दिया गया कि वो केस दर्ज नहीं कराएगा। इस शर्मनाक मामले का अफसोजनक पहलू यह भी है कि पूरा प्रकरण संज्ञान में आने पर भी पुलिस ने कोई एक्शन नहीं लिया।
दलित किशोरी से दुराचार की घटना शुक्रवार दोपहर को हुई। आरोप गांव के युवक पर है। उसकी बिरादरी का गांव में बाहुल्य है। शुक्रवार की रात पीड़ित किशोरी को लेकर उसके परिजन खंदौली थाना पहुंच गए।
आरोपी को जुर्माना लगाकर छोड़ा
गांव के लोगों का कहना है कि आरोपियों का पता चला तो उनके हिमायती भी थाना पहुंच गए। वहां पीड़ित पक्ष और उनके बीच मीटिंग हुई। किशोरी के परिजनों से कहा कि वो पहले गांव में बात कर लें। इसके बाद तहरीर देने या न देने का फैसला लें।
शनिवार को गांव में पंचायत हुई। इसमें पंचों ने रेप पीड़ित किशोरी की आबरू की कीमत 50 हजार रुपये लगाई। आरोपी युवक के परिवार से जुर्माना देने के लिए कहा गया। वे लोग राजी हो गए।
इसके बाद पंचायत ने मामला रफा-दफा कर दिया। गांव के प्रधान का कहना है कि किशोरी से रेप की घटना हुई है। पंचायत में इसे निपटा दिया गया। वहीं पंचायत में पीड़ित परिवार चाहते हुए विरोध नहीं कर सका।
पुलिस ने नहीं सुनी
खंदौली थाना के प्रभारी प्रशांत त्यागी का कहना है कि गांव में दो परिवारों के बीच विवाद की बात सामने आई थी। रेप की तहरीर नहीं मिली। इस कारण कोई कार्रवाई नहीं की।
पीड़ित परिवार की माने तो किशोरी थाना आई। इसके बावजूद पुलिस ने उसका मेडिकल परीक्षण नहीं कराया। उसकी बात किसी महिला अधिकारी या कर्मचारी ने नहीं सुनी।
वहीं इस संबंध में सीओ अतुल कुमार सोनकर का कहना है कि किशोरी से रेप के मामले में कोई तहरीर नहीं मिली है। अगर पीड़ित की तहरीर मिलेगी, तो कार्रवाई की जाएगी।