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पंचायत चुनाव: तीन जिला पंचायत सदस्य जीत के बाद भी नहीं बचा सके जमानत

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कासगंज। जिला पंचायत सदस्य के लिए हुए चुनाव में छह सीटों पर कड़ा मुकाबला देखने को मिला। तीन प्रत्याशी चुनाव जीत कर जिला पंचायत सदस्य तो निर्वाचित हो गए, लेकिन वे अपनी जमानत बचाने के लिए 20 प्रतिशत वोट के आंकड़े को नहीं छू सके।
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पंचायत चुनाव में जिला पंचायत सदस्य के 23 पदों के लिए चुनाव हुआ। लड़ने वाले प्रत्याशियों से निर्वाचन आयोग जमातन के तौर पर एक निर्धारित धनराशि जमा कराता है। प्रत्याशी को जमानत बचाने के लिए कुल पड़े वोट का 20 प्रतिशत वोट पाना आवश्यक होता है। यदि प्रत्याशी को इतने वोट नहीं मिलते तो उसकी जमानत राशि आयोग के पक्ष में जब्त हो जाती है। वार्ड 8 की महिला प्रत्याशी पूनम ने चुनाव मैदान में उतरे 17 प्रत्याशियों के बीच 18.72 प्रतिशत वोट, वार्ड 10 के प्रत्याशी शहारुख खान ने चुनाव मैदान में उतरे 31 प्रत्याशियों के बीच 15.65 प्रतिशत वोट, वार्ड 11 के प्रत्याशी कमल सिंह टैनी ने चुनाव मैदान में उतरे 16 प्रत्याशियों के बीच 15.65 प्रतिशत वोट पाकर जीत हासिल की लेकिन मानक से कम वोट होने के कारण जमानत नहीं बचा सके।
चंद वोट ने बचा ली इनकी जमानत
जिला पंचायत सदस्य के चुनाव में तीन प्रत्याशी ऐसे भी रहे जिन्होंने निर्धारित मानक से चंद वोट ही अधिक पाकर जमानत बचा ली। वार्ड 9 की प्रत्याशी ऊषा देवी ने 13 प्रत्याशियों के बीच कड़े मुकाबले में 20.11 प्रतिशत वोट हासिल किए। वार्ड 12 की प्रत्याशी रत्नेश ने 19 प्रत्याशियों के बीच 20.23 प्रतिशत और वार्ड 20 के प्रत्याशी विकास यादव ने 22 प्रत्याशियों के बीच 20.37 प्रतिशत वोट पाकर जीत हासिल की। इन प्रत्याशियों जमानत बचाने के लिए 20 प्रतिशत के मानक के काफी नजदीक वोट प्राप्त कर अपनी जमानत बचा ली।
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चुनाव में जमानत बचाने के लिए प्रत्याशी को कुल वैध वोट का 20 प्रतिशत वोट प्राप्त करना अनिवार्य होता है। यदि प्रत्याशी को मानक से कम वोट मिलते हैं तो नामांकन के समय जमा होने वाली जमानत राशि जब्त हो जाती है-श्रवण कुमार, सहायक जिला निर्वाचन अधिकारी
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