वृंदावन में शुक्रवार से पुरुषोत्तम मास की शुरुआत होने जा रही रही है। 18 सितंबर से 16 अक्तूबर तक यह मास भले ही मांगलिक कार्यों के लिए ठीक नहीं है, लेकिन धार्मिक अनुष्ठान के लिए इसे बेहद शुभ माना जाता है। इसी के साथ संत-महंत और आचार्यों की आराधना स्थली वृंदावन में परिक्रमा का दौर शुरू हो रहा है, लेकिन वृंदावन परिक्रमा का हाल बहुत खराब है।
वृंदावन की पंचकोसीय परिक्रमा का विशेष महत्व है। भक्तजन इस पंचकोसीय परिक्रमा के दायरे में श्रीराधाकृष्ण की लीला स्थली और आचार्यों की आराधना भूमि को नमन करते हैं। पुरुषोत्तम मास में कोरोना काल के बावजूद वृंदावन परिक्रमा में भीड़ जुटने का अनुमान लगाया जा रहा लेकिन परिक्रमा की हालत बेहद खराब है।
चामुंडा मोड के पास पंचमुखी हनुमान तक परिक्रमा की स्थिति बेहद खराब है। यहां रोड पर डाबर उखड़ी हुई है, गड्ढे हो गए हैं। यह करीब एक किलोमीटर का दायरा है, जहां परिक्रमार्थियों के पैरों को कंकरीट घायल कर देगी। पानीगांव तिराहे से श्याम कुटी तक जल निगम द्वारा बनाए गए सीवर के चैंबर बैठ गए हैं, रास्ता भी नहीं है। जगन्नाथघाट, टटिया स्थान, रामपुर वाली रास्ता पर सीवर की लाइन बैठ गई हैं। पीडब्ल्यूडी और जल निगम इन स्थानों पर अब लीपापोती करने में जुटे हैं। इसके अलावा संपूर्ण कच्चे परिक्रमा मार्ग में बिजली और जल निगम कर्मचारी कनेक्शन के लिए गड्ढे खोदकर छोड़ दे रहे हैं।