कासगंज। पैन नंबर बदल कर वेतन लेने के मामले की जांच में जिले के 17 शिक्षक संदेह के घेरे में आ गए है। इनके पैन नंबर पूरी तरह से बदले हुए हैं। इसके बाद बीएसए ने इनका पूरा ब्योरा वित्त एवं लेखाधिकारी से तलब किया है। ताकि इनके खिलाफ कार्रवाई की जा सके।
शासन से पैन नंबर बदल कर वेतन लेने की जांच एसआईटी को सौंप दी है। एसआईटी ने जिले के 131 शिक्षकों की सूची शिक्षा विभाग को उपलब्ध कराई थी। सूची में शिक्षकों के पुराने व नए पैन नंबर विभाग को दिए गए थे। बेसिक शिक्षा अधिकारी ने वित्त एवं लेखा विभाग को इन शिक्षकों की जांच करने के निर्देश दिए। वित्त एवं लेखा विभाग ने इन शिक्षकों को नोटिस जारी कर अपना पैन कार्ड जमा करने के निर्देश दिए।
इन निर्देशों के बाद 110 शिक्षकों ने अपने पैन कार्ड जमा कर दिए। इसमें से 17 शिक्षकों के पैन नबंर पूरी तरह से बदले हुए हैं। वित्त एवं लेखा विभाग ने इन शिक्षकों की सूची तैयार कर अपनी आख्या सहित बेसिक शिक्षा अधिकारी को भेज दी। इसके अलावा 21 शिक्षकों ने पैनकार्ड की प्रति जमा ही नहीं की है। उन पर भी कार्रवाई के लिए रिपोर्ट बीएसए को भेज दी है।
93 नंबर में मिला एक- डिजिट का फर्क
कासगंज। पैन नंबर की जांच के लिए शिक्षकों से मांगे गए पैन कार्ड के मिलान में 93 शिक्षक ऐसे सामने आए हैं जिनके पुराने नंबर और नए नंबर में एक या दो अक्षर बदले हुए निकले। जिसे विभाग ने लिपिकीय त्रुटि मानकर क्लीन चिट दे दी है।
वर्जन
जिन 17 शिक्षकों के पैन कार्ड पूरी तरह से बदले हुए निकले है उनका पूरा ब्यौरा वित्त एवं लेखा विभाग से मांगा गया है। इससे यह पता चल सके कि ये शिक्षक कब से पैन नंबर बदलकर अपना वेतन ले रहे हैं। -अंजली अग्रवाल, बेसिक शिक्षा अधिकारी