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अवैध रूप से भारत में रह रही थी ये पाकिस्तानी महिला, 20 साल बाद यहां से हुई गिरफ्तार

Sun, 24 Jun 2018 07:57 AM IST
न्यूज डेस्क, अमर उजाला फिरोजाबाद
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पाकिस्तानी महिला फौजिया खान - फोटो : अमर उजाला
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पाकिस्तान से 20 साल पहले 90 दिन के वीजा पर फिरोजाबाद आई फौजिया खान उर्फ बेबी को खुफिया विभाग की टीम ने राजस्थान के धौलपुर से गिरफ्तार कर लिया है। इसके बाद उसे फिरोजाबाद पुलिस को सौंपा गया।
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पाकिस्तान के हैदराबाद की रहने वाली फौजिया खान 13 वर्ष की उम्र में 14 मई 1998 को अपने पिता इश्तियाक खान, मां शलीका बेगम, भाई फारुख व बहन रोजी के साथ 90 दिन का वीजा बनवाकर फिरोजाबाद में आई थी। 

वीजा अवधि समाप्त होने के बाद पूरा परिवार गायब हो गया था। खुफिया विभाग की टीम को सभी की तलाश थी। फौजिया उर्फ बेबी की माने तो मूलरूप से फिरोजाबाद की रहने वाली हैं। 
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धौलपुर से हुई गिरफ्तारी

उसके पिता पाकिस्तान चले गए थे, लेकिन 14 मई 1998 को परिवार के साथ भारत आए थे। वीजा खत्म होने के बाद फौजिया और उसका परिवार वापस पाकिस्तान नहीं लौटा। 

सूचना मिली कि फौजिया खान राजस्थान के धौलपुर में बेटियों के साथ आई हुई है। खुफिया विभाग के इंस्पेक्टर रघुनाथ सिंह मीणा एवं उनकी टीम ने धौलपुर में छापेमारी की। इस दौरान फौजिया खान को यहां से गिरफ्तार कर लिया। 

खुफिया विभाग की टीम उसे पकड़कर फिरोजाबाद के थाना दक्षिण लाई। वहीं फौजिया खान उर्फ बेबी ने कहा कि 13 वर्ष की उम्र में ही वो फिरोजाबाद आई थी। इसके बाद ही उसने मुंबई निवासी रिजवान खान से निकाह किया था। 

मुंबई में पति के साथ रहती है फौजिया

मुंबई में शादिया गंज में परिवार के साथ रह रही थी। निकाह के बाद उसके पांच बेटियां शिफा खान, सानियां खान, फरीन खान, फायजा खान, महक खान हैं। फौजिया का कहना है कि उसका पति रिजवान खान ऑटो चलाता है। 

छुट्टियों में वो धौलपुर स्थित मौसी के घर घूमने के लिए दो बेटियों के साथ आई थी। इसी दौरान पुलिस ने उसे दबोच लिया है।
फौजिया का पूरा परिवार फिरोजाबाद का रहने वाला है। 
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2012 में पकड़े गए थे मां और भाई-बहन

पाकिस्तान से 90 दिन के वीजा बनवाकर फिरोजाबाद आए इश्तियाक खान के साथ पत्नी शलीका बेगम, बेटी फौजिया खान उर्फ बेबी, रोजी एवं बेटा फारुक खान शामिल थे। वीजा अवधि के समाप्त होने के ही साथ गायब हो गए थे।

इस दौरान भारत में स्थाई निवास की अनुमति लेने का भी प्रयास किया था, लेकिन कोई सफलता नहीं मिल सकी थी। विभागीय सूत्रों की मानें तो 2012 में फौजिया को छोड़ दें तो उसकी मां, बहन एवं भाई को हरिद्वार से पकड़ लिया था। 

खुफिया विभाग की टीम ने बार्डर पर जाकर तीनों को पाकिस्तान को सौंपने का प्रयास किया था, लेकिन सफलता नहीं मिली थी। फौजिया का परिवार भी विभाग की ओर से दी गई सुपुर्दगी में रह रहा है।
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