आगरा के बाह में सर्दी के सीजन में प्रवासी एवं अप्रवासी पक्षियों की दस्तक से चंबल सेंचुरी की बाह रेंज चहक उठी है। दक्षिण पूर्वी एशियाई देशों से उड़ान भर कर पेंटेड स्टॉर्क ने भी चंबल में डेरा जमा लिया। नदी क्षेत्र में इस खूबसूरत पक्षी की मौजूदगी पर्यटकों का मन मोह रही है।
पेंटेड स्टार्क का मछली, मेढ़क पकड़ कर उड़ान भरते हैं तो सैलानी रोमांचित हो उठते हैं। इतना ही नहीं नदी किनारे के पेड़ों पर सुबह की गुनगुनी धूप के साथ जब ये अपने पंख फैलाते हैं, तो सभी को मंत्रमुग्ध कर देते हैं। रेंजर कुलदीप सहाय पंकज ने बताया कि पेंटेड स्टॉर्क का वैज्ञानिक नाम मायक्टेरिया ल्यूकोसेफला है, जबकि स्थानीय लोग पीली चोंच वाले सारस के नाम से पुकारते हैं।
खूबसूरत पेंटेड स्टॉर्क को लंबी, पतली टांगें, नुकीली चोंच दूसरे पक्षियों से अलग करती है। इनकी लंबाई 90 से 100 सेमी, पंख फैलाव 120 से 145 सेमी, वजन 2 से 3.5 किलो होता है। ये करीब 7 सेमी गहराई से भी अपने शिकार को चोंच में दबा लेती हैं। वन रेंजर ने बताया कि दूसरे प्रवासी पक्षियों के साथ ही रेहा से लेकर उदयपुर खुर्द तक दिखने वाले पेंटेड स्टॉर्क पर वन विभाग नजर रख रहा है।