सर्दी में संक्रमण बढ़ने की आशंका पर एसएन मेडिकल कॉलेज में तैयारियां शुरू कर दी गईं हैं। संक्रमित मरीजों के इलाज को 110 लाख लीटर का ऑक्सीजन टैंक लगाया गया है। इसका ट्रायल कर मरीजों के लिए ऑक्सीजन की आपूर्ति शुरू कर दी गई है। पहले यहां 60 लाख लीटर ऑक्सीजन की क्षमता का टैंक लगा था। अब एसएन में कुल 260 लाख लीटर ऑक्सीजन की क्षमता के टैंक हो गए हैं।
एमसीएच इमारत में स्थित कोविड अस्पताल में 100 बेड और बाल रोग विभाग में बने 100 बेड के आइसोलेशन वार्ड के लिए इस टैंक से ऑक्सीजन की आपूर्ति होगी। इन दोनों ही वार्ड में जरूरत पड़ने पर 300 बेड किए जाएंगे। इस लिहाज से मरीजों के लिए ऑक्सीजन कम न पड़े, इस कारण टैंक की क्षमता बढ़ाई गई है। यहां लगे छह हजार किलोलीटर की क्षमता के टैंक को हटाकर नया टैंक लगाया है।
बुधवार को तकनीकी टीम ने इसका ट्रायल कर ऑक्सीजन भर दी है। अब सीधे आईसीयू, आइसोलेशन वार्ड में मरीजों को ऑक्सीजन पहुंचेगी। 150 लाख लीटर का ऑक्सीजन टैंक पहले से नई सर्जरी वाली इमारत के पास बना हुआ है। आपात स्थिति में यहां से भी संक्रमित मरीजों के लिए ऑक्सीजन की पूर्ति की व्यवस्था है।
अब ऑक्सीजन की पर्याप्त व्यवस्था
ऑक्सीजन की पर्याप्त व्यवस्था हो गई है। मरीजों को सीधे बेड तक पाइप लाइन के जरिए ऑक्सीजन पहुंचेगी। 60 लाख लीटर ऑक्सीजन टैंक की जगह 110 लाख लीटर का टैंक लगाया गया है। पाइप लाइन बदलकर बड़े आकार की डलवाई गई है, जिससे मरीज को आवश्यकतानुसार ऑक्सीजन मिल सके। इमरजेंसी में भी टैंक लगवाने का विचार है। इलाज की पूरी चौकस व्यवस्थाएं की जा रही हैं। -डॉ. संजय काला, प्राचार्य
आइसोलेशन वार्ड में 100 बेड और बढ़ाए जाएंगे
सितंबर में संक्रमित मरीजों की दर बढ़ने पर एसएन में आईसीयू के 70 बेड फुल हो गए थे और आइसोलेशन के 200 बेड में से 160 पर मरीज भर्ती थे। सर्दी में सितंबर से अधिक मरीज बढ़े तो इसके लिए पहले से ही 100 बेड की अतिरिक्त व्यवस्था की जा रही है। आईसीयू में भी बेड बढ़ेंगे, इसके लिए 62 वेंटीलेटर मिलने के बाद इनकी संख्या 132 पहुंच गई है। 20 आईसीयू बेड भी आ गए हैं, बाकी के बेड की और खरीद होगी।
इमरजेंसी में भी ऑक्सीजन टैंक की कवायद
इमरजेंसी में भी ऑक्सीजन टैंक लगाने की कवायद चल रही है। इससे यहां के मरीजों का सिलिंडर से ऑक्सीजन देने की जरूरत नहीं होगी। यहां पर 60 लाख लीटर की क्षमता का टैंक लगाने का प्रस्ताव है। इससे मरीजों के लिए ऑक्सीजन भरपूर मिलेगी। अभी इमरजेंसी में 46 बेड हैं, इसमें 15 बेड और बढ़ाने की तैयारी है।