कासगंज। शासन के निर्देशों के बाद मंगलवार को कोरोना की व्यवस्थाओं को लेकर जिला अस्पताल और सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र की व्यवस्थाओं को परखने का मॉकड्रिल में तैयारियों की पोल खुल गई। अपर निदेशक स्वास्थ्य डॉ. वीके सिंह ने मॉकड्रिल व्यवस्था परखी तो गंजडुंडवारा का ऑक्सीजन प्लांट खराब मिला।
मंगलवार करीब 12:15 बजे मॉकडिल शुरू हुआ एक मिनट में 500 लीटर ऑक्सीजन सप्लाई की क्षमता प्लांट की पाई गई। उसके पश्चात पीकू वार्ड , दवाएं जीवन रक्षक व्यवस्थाएं वेंटीलेटर ठीक पाया गया। जिला चिकित्सालय के वार्ड में ऑक्सीजन की सप्लाई लाइन भी चेक की गई । कोविड कमांड सेंटर की व्यवस्था में कहां क्या रहेगा, इसे भी देखा गया। फार्मासिस्ट से दवाइयों के बारे में, उनके स्टाक के बारे में जानकारी ली। अपर निदेशक ने पूर्व में कोरोना के कितने मरीज भर्ती रहे, कितने मरीजों को इलाज दिया गया, इन सभी स्थितियों को जाना। जिला अस्पताल में 17 वेंटिलेटर क्रियाशील पाएं गए। गंजडुंडवारा के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पर मॉक ड्रिल के लिए एसीएमओ डॉक्टर डीके जोशी पहुंचे। उन्होंने ऑक्सीजन प्लांट की व्यवस्था परखा तो ऑक्सीजन प्लांट खराब मिला। प्लांट कई महीने से बंद था। इस संबंध में अपर निदेशक ने रिपोर्ट मिलने पर शासन को अपनी रिपोर्ट दी है।
फिजिशियन चिकित्सक की पाईं कमी
कासगंज। कोरोना के मॉक ड्रिल में चिकित्सकों की तैनाती की समीक्षा भी अपर निदेशक ने की। इस समीक्षा में पाया गया कि जिला अस्पताल में कोई फिजिशियन चिकित्सक तैनात नहीं हैं। जिससे पीड़ितों के इलाज में परेशानी होगी। अपर निदेशक ने माना कि जिले की चिकित्सा व्यवस्था में यह एक कमजोर पक्ष है।
मॉक ड्रिल में व्यवस्थाएं सही पाई गई है। गंजडुंडवारा का ऑक्सीजन प्लांट कई माह पहले से खराब है। प्लांट की खराबी के संबंध में शासन को रिपोर्ट दी जा रही है। शासन स्तर से प्लांट को सही कराया जाएगा। इसके अलावा एक फिजिशियन चिकित्सक की कमी के बारे में भी शासन को रिपोर्ट दी जा रही है। जिससे चिकित्सक की तैनाती हो सके। कोरोना इलाज के लिए जिले में पर्याप्त इंतजाम है। किसी तरह की कोई परेशानी नहीं हैं।
- डॉक्टर वीके सिंह, अपर निदेशक स्वास्थ्य अलीगढ़।