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ओवरलोड ऑटो: जोखिम में जान, जिम्मेदार मौन, आगे की सीट पर रोक होने के बाद भी बैठा रहे सवारी, नहीं हो रही कोई कार्रवाई

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आगरा। शहर में ऑटो चालकों को नियम तोड़ने की खुली छूट मिली हुई है। तीन के स्थान पर छह से सात सवारी बैठा रहे हैं, कोई भी रोकने या जांच करने वाला नहीं है। लोगों की जान को जोखिम डाला जा रहा है और संभागीय परिवहन विभाग के अधिकारी मौन धारण किए हुए हैं। दुर्घटना होने के समय नियमों पर कार्रवाई करने की याद अधिकारियों को आती है।
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गुरुद्वारा गुरु का ताल और आईएसबीटी के सामने ऑटो दुर्घटना में कई लोगों की जान जा चुकी है। दुर्घटना की एक वजह आगे की तरफ सवारियों को बैठाना भी माना गया। इस पर यातायात पुलिस और आरटीओ के स्तर से अभियान भी चलाया गया। अब दोबारा से पुरानी स्थिति नजर आने लगी है। ऑटो में चालक आगे की तरफ तीन और पीछे चार सवारी तक बैठा रहे हैं। जबकि परमिट में तीन सवारी पीछे बैठाने की स्वीकृति है।
भगवान टॉकीज, खंदारी, सिकंदरा, रामबाग, बिजलीघर, शाहगंज, सदर बाजार आदि क्षेत्रों में आगे की तरफ ऑटो में सवारी बैठ रही है। स्थानीय लोगों का आरोप है कि आईएसबीटी से हर रोज आरटीओ अधिकारियों की गाड़ी गुजरती है फिर भी उनको ऑटो में यह नियम टूटता नजर नहीं आता।
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एमजी रोड पर ई-रिक्शा बने आफत
एमजी रोड पर ऑटो पर प्रशासन की तरफ से प्रतिबंध लगाया हुआ है लेकिन ई-रिक्शा दौड़ रहे हैं। इनकी वजह से जाम भी लग रहा है लेकिन कोई कार्रवाई नहीं की जा रही है। सूरसदन, हरीपर्वत, राजामंडी आदि चौराहे पर ई-रिक्शा चालक सवारी बैठाने में लगे रहते हैं। यह भी ओवरलोड होकर चलते हैं। इनको चौराहों पर लगे सीसीटीवी कैमरे भी नहीं पकड़ पा रहे हैं।
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आगे नहीं बैठा सकते हैं सवारी
ऑटो और ई-रिक्शा में आगे की तरफ सवारी नहीं बैठा सकते है। अभियान चलाकर कार्रवाई की जाती है। यातायात पुलिस और आरटीओ की संयुक्त टीम ऐसे ऑटो चालकों के खिलाफ चालान की कार्रवाई करेगी। - आलोक कुमार, एआरटीओ (प्रवर्तन)
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