दंपतियों के बीच हुए घरेलू विवाद चौकी-थाने के बाद कोर्ट तक पहुंच गए। जिले में 10 हजार से अधिक दंपती ने एक दूसरे पर मुकदमा कर रखा है। उनके साथ बच्चों की भी जिंदगी खराब हो रही है। कुछ बच्चे मां के साथ तो कुछ पिता के साथ रह रहे हैं। अब दंपती बच्चों के भविष्य की चिंता कर उन्हें एक दूसरे से पाने के लिए केस लड़ रहे हैं। परिवार न टूटे, उसके लिए परिवार न्यायालय भी दंपतियों की काउंसलिंग कराता है।
केस-1 कागारौल थाना क्षेत्र निवासी युवक की शादी 2016 में मथुरा निवासी युवती के साथ हुई थी। शादी के कुछ दिनों बाद पति-पत्नी में विवाद होने लगे। शादी के दो साल बाद बेटा हुआ तो पत्नी बेटे को लेकर मायके चली गई। समझौते के बाद वर्ष 2020 में ससुराल आई और दूसरे बेटे को जन्म दिया। बाद में फिर पत्नी दोनों बच्चों को लेकर मायके चली गई। दोनों ने एक दूसरे पर केस कर दिए। पति ने दोनों बेटों की कस्टडी लेने के लिए केस दायर कर दिया।
केस-2 सिकंदरा थाना क्षेत्र की युवती की शादी 2019 में दिल्ली में हुई थी। पति कारोबारी है। दोनों में वर्ष 2023 में विवाद हो गया। पत्नी मायके आ गई। बेटी को पति ने अपने पास रख लिया। पत्नी ने परिवार न्यायालय में वाद दायर कर दिया। काउंसलिंग में पत्नी ने आरोप लगाया कि पति रोज शराब के नशे में घर आकर मारपीट करता है। पति ने आरोप लगाया कि पत्नी किसी अनजान युवक से फोन पर बात करती है। दोनों साथ रहने को तैयार नहीं, ऐसे में पति ने केस दर्ज करा दिया।
केस-3 लोहामंडी थाना क्षेत्र की युवती की शादी 2004 में बाह क्षेत्र निवासी युवक से हुई थी। पत्नी सरकारी कर्मचारी है। दोनों के तीन बच्चे हैं। पत्नी का आरोप है कि पति रात भर फोन पर बात करता है। मारपीट के बाद वर्ष 2019 में मायके आ गई। छह साल से परिवार न्यायालय में लड़ाई लड़ रही हैं। पति बच्चों की कस्टडी चाहता है।