कासगंज। जिले में किसान सम्मान निधि के पात्र कृषकों की फार्मर रजिस्ट्री नहीं हो पा रही है। ऐसे में किसान ब्लॉक से लेकर तहसील स्तर तक के चक्कर काटने को मजबूर है। कभी साइट नहीं चलती है तो कभी किसानों के मोबाइल पर ओटीपी नहीं आ रही है। इससे परेशान होकर किसान वापस लौट रहे हैं। किसानों को चिंता है कि फार्मर रजिस्ट्री नहीं हुई तो उन खाते में सम्मान निधि की राशि नहीं आएगी।
सरकार ने एग्रीस्टैक परियोजना के तहत किसानों की भूमि आधार मोबाइल नंबर और खतौनी को लिंक करने के लिए फार्मर रजिस्ट्री प्रक्रिया को शुरू किया है। इसके लिए शासन से अंतिम तिथि पहले 31 दिसंबर निर्धारित थी, जिसे बढ़ाकर 31 जनवरी 2025 कर दी गई है। किसानों की फार्मर रजिस्ट्री का जिम्मा कृषि विभाग के अधिकारियों एवं लेखपालों दिया है। कृषि विभाग के अधिकारी अब क्रॉप कटिंग सर्वे के कार्य में जुट गए हैं।
ऐसे में तहसीलर स्तर पर शिविर नहीं लग पा रहे हैं। किसान फार्मर रजिस्ट्री कराने के लिए ब्लॉक से लेकर तहसील स्तर के चक्कर काट रहे हैं, लेकिन उनकी समस्या का समाधान नहीं हो रहा है। अधिकारी किसानों को जनसेवा केंद्र से फार्मर रजिस्ट्री कराने के लिए कह रहे हैं, लेकिन उनके सामने वहां भी साइट न चलने एवं ओटीपी न आने की समस्या आ रही है। किसानों का आरोप है कि अधिकारी टालमटोल कर रहे हैं। कह रहे हैं कि जनसेवा केंद्रों पर जाकर फार्मर रजिस्ट्री का कार्य कराएं।