कस्तूरबा गांधी विद्यालय करहल में तैनात शिक्षिका दीप्ति बेवर विकास खंड में तैनात अनुदेशक के अभिलेखों से नौकरी कर रही हैं। अनुदेशक की शिकायत पर हुई प्रथम जांच में आरोप सही पाए गए हैं। अब शिक्षिका दीप्ति और बेवर विकास खंड में तैनात अनुदेशिका दीप्ति को जांच टीम ने 16 जून को बीएसए कार्यालय में तलब किया है। यहां दोनों के अभिलेखों की जांच की जाएगी।
बेवर निवासी अनुदेशिका दीप्ति ने दो महीने पहले शिकायत करते हुए कस्तूरबा गांधी विद्यालय करहल में तैनात शिक्षिका दीप्ति के अभिलेख फर्जी बताए थे। इसी बीच अनामिका शुक्ला मामला सामने आने के बाद शिक्षिका ने डाक से अपना इस्तीफा बीएसए के पास भिजवा दिया।
अनामिका शुक्ला के अभिलेखों से नौकरी पाने वाली एक और फर्जी शिक्षिका गिरफ्तार
अचानक शिक्षिका का इस्तीफा आते ही दो महीने पहले की गई शिकायत पर अफसरों ने जांच शुरू करा दी। प्रथम जांच में कस्तूरबा की शिक्षिका के अभिलेख फर्जी बताए गए हैं। जबकि अनुदेशक की इसमें मिलीभगत लग रही है। इसीलिए विभाग ने दोनों को मूल अभिलेखों के साथ 16 जून को बीएसए कार्यालय में उपस्थित होने के निर्देश दिए हैं। मामले की जांच के लिए दो खंड शिक्षाधिकारियों और डीसी बालिका शिक्षा को जिम्मेदारी सौंपी गई है।