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UP: ऑपरेशन त्रिनेत्र...बिछड़ों को अपनों से मिला रहा, अपराधियों पर कस रहा शिकंजा; पुलिस का बना अहम हथियार

Wed, 21 May 2025 04:49 PM IST
अरुन पाराशर संवाद न्यूज एजेंसी, आगरा

सार

ऑपरेशन त्रिनेत्र के तहत 66 चौराहों पर सीसीटीवी कैमरे लगाए गए हैं। घटना के बाद सीसीटीवी की फुटेज से पुलिस को जांच में सहयोग मिल रहा है। इसकी मदद से पुलिस ने कई मामलों का खुलासा किया है।
 
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agra police - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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आगरा में कमिश्नरेट लागू होने के बाद शहर में चलाए जा रहे ऑपरेशन त्रिनेत्र का असर अब दिखने लगा है। ऑपरेशन के तहत लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज की मदद से त्रिनेत्र घर से लापता होने वालों को अपनों मिला रहा है, तो पुलिस को अपराधियों के खोजने में सहायक बन रहा है। एक जनवरी से 20 मई तक लूट, छेड़छाड़, चोरी और गुमशुदगी के मामलों में पुलिस इन कैमरों की वजह से सफलता मिली है। वर्तमान में 66 चौराहों पर यह कैमरे लगे हुए है।
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फर्जी मामलों में भी मिल रही मदद
डीसीपी सिटी सोनम कुमार ने बताया कि त्रिनेत्र की मदद से चोरी, लूट व अन्य घटनाओं के आरोपियों की शिनाख्त करने में मदद मिल रही है। कई लोग फर्जी शिकायत कर देते हैं लेकिन घटना स्थल लगे कैमरों में वारदात का नहीं होना सामने आता है।

 
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इन खुलासों में मिली मदद
1. जनवरी महीने में एक सप्ताह के अंदर तीन चोरी की घटना हुईं। पुलिस ने 200 से अधिक कैमरों के फुटेज चेक किए। लग्जरी कार चोरी करने वाले गैंग को दिल्ली से पकड़ा था।
2. फरवरी महीने में दो सहेलियां कोचिंग जाने के बहाने शाहगंज थाना क्षेत्र से चली गई थी। पुलिस ने 150 से अधिक कैमरों के फुटेज चेक किए। झांसी से छात्राओं को बरामद किया था।
3. मार्च महीने में सिकंदरा और जगदीशपुरा पुलिस ने आधा दर्जन से अधिक चोरी की घटनाओं का खुलासा किया गया।
4. अप्रैल महीने में सोती हुई किशोरी को उठाकर ले जाने वाले आरोपी को खेरागढ़ पुलिस ने त्रिनेत्र की मदद से पहचान कर गिरफ्तार किया था।
5.मई में लूट के बाद सराफ की हत्या के आरोपियों की त्रिनेत्र की मदद से पहचान हुई। पुलिस की 9 टीमों ने एक हजार से भी अधिक कैमरों के फुटेज चेक किए थे।
 
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