कासगंज। डीएफओ ने कासगंज और पटियाली क्षेत्र में संचालित होने वाली 68 आरा मशीनों का लाइसेंस नवीनीकरण नहीं होने पर उनके संचालन को अवैध घोषित किया है। इसके लिए क्षेत्रीय वन अधिकारियों की लापरवाही मानते हुए नोटिस जारी किए गए है। डीएफओ ने नवीनीकरण नहीं होना माना है। डीएफओ की इस कार्रवाई से अन्य आरा मशीन संचालकों में खलबली है।यह कार्रवाई तत्कालीन डीएफओ दिलीप श्रीवास्तव के द्वारा की गई। कार्रवाई के बाद उनका स्थानांतरण किसी अन्य जनपद में हो गया। अब नवागत डीएफओ तपश मिहिर इस मामले की जांच पड़ताल कर रहे हैं। बताया गया कि कासगंज और पटियाली रेंज के 68 आरा मशीन संचालकों ने वर्ष 2024 के लिए नवीनीकरण शुल्क जमा नहीं किया। नवीनीकरण की अंतिम तिथि 31 दिसंबर थी। संबंधित क्षेत्रीय वन अधिकारियों ने आरा मशीन नवीनीकरण के लिए कोई पत्रावली 7 जनवरी तक डीएफओ के समक्ष प्रस्तुत नहीं की। ऐसी स्थिति को देखते हुए तत्कालीन डीएफओ ने 7 जनवरी को क्षेत्रीय वन अधिकारियों को नोटिस जारी करके आरा मशीनों के संचालन को अवैध घोषित कर दिया है। उन्होंने अपने निर्देश में यह भी स्पष्ट किया है कि आरा मशीन के अवैध संचालन पर क्षेत्रीय वन अधिकारी एवं संबंधित स्टाफ स्वयं उत्तरदायी होंगे। उन्होंने वन रक्षक अलीगढ़ को रिपोर्ट भेजकर कार्रवाई की संस्तुति की है। वहीं उपजिलाधिकारी कासगंज, पटियाली, सहावर को आरा मशीनों के संचालन के लिए नवीनीकरण नहीं होने की जानकारी दी है।