प्राचार्य डॉ. संजय काला ने कहा कि ओपीडी दो नंवबर से शुरू करने का प्रस्ताव है। इसका ब्लूप्रिंट तैयार कर लिया है। भीड़ कम करने के लिए मरीजों की संख्या और ओपीडी का समय और स्थान भी तय कर दिया है। जरूरत पर इसमें बदलाव भी संभव है। स्टाफ और चिकित्सक सभी कोरोना वायरस के मरीजों के इलाज में लगे हैं। इनका ड्यूटी चार्ट भी बनाया जाएगा।
मेडिसिन में 50 और दंत रोग में 20 ही मरीज
ओपीडी में भीड़ नियंत्रण करने के लिए मरीजों की संख्या तय कर दी गई है। मेडिसिन विभाग में एक दिन में सबसे ज्यादा 50 और दंत रोग विभाग में सबसे कम 20 मरीज होंगे। सर्जरी, हड्डी, नेत्र रोग, वक्ष एवं क्षया रोग, स्त्री रोग, त्चचा रोग, मानसिक रोग, ईएनटी में 30-30 मरीज ही देखे जाएंगे।
कैंसर और बाल रोग विभाग में मरीजों की संख्या तय नहीं हैं। स्त्री रोग विभाग की लेडी लॉयल, नेत्र की नेत्र रोग विभाग, वक्ष एवं क्षय रोग की टीबी विभाग, मानसिक की मानसिक रोग विभाग में ओपीडी चलेगी। बाल रोग की ओपीडी ट्राएज में लगेगी और मेडिसिन, दांत, त्वचा, हड्डी रोग की ओपीडी इमारत में ही मरीज देखे जाएंगे।
डॉक्टरों के पास भीड़ न लगे इसके लिए एक बार में एक ही मरीज डॉक्टर के पास भेजा जाएगा। उसके लौटने के बाद ही दूसरा मरीज जाएगा, बाकी के तय मरीज प्रतीक्षालय में बिठाए जाएंगे। जरूरत पर मरीज के साथ एक ही तीमारदार अंदर जाएगा। मास्क और थर्मल स्क्रीनिंग अनिवार्य होगा। तापमान बढ़ा होने पर मरीज को ट्राएज ओपीडी भेजा जाएगा।
सुबह नौ से एक बजे तक होगा समय
मेडिसिन, ईएनटी, दंत रोग, वक्ष एवं क्षय रोग : सोमवार, बुधवार और शुक्रवार।
मानसिक रोग, हड्डी रोग, नेत्र रोग : मंगलवार, बृहस्पतिवार और शनिवार।
कैंसर, बाल रोग, सर्जरी विभाग : इसकी रोजाना ओपीडी होगी।
ओपीडी समय : चार घंटे सुबह नौ से दोपहर एक बजे तक।