आगरा। दो दिन बाद पंचायतों की सरकार के गठन हुए पांच साल पूरे हो जाएंगे। वर्तमान में चुनाव होते नहीं दिख रहे हैं। ऐसे में ग्राम प्रधानों का ही कार्यकाल बढ़ेगा या अधिकारी प्रशासक बनाए जाएंगे। किसके हाथों में गांव की सरकार जाएगी, यह स्पष्ट नहीं है। इससे ग्राम पंचायतों में अनिश्चितता का माहौल बना हुआ है।
जिले में 690 ग्राम पंचायतें हैं। 26 मई को उनका कार्यकाल पूरा हो रहा है। अगर तय समय पर चुनाव नहीं हुए तो गांव के विकास की रफ्तार प्रभावित हो सकती है। सभी ग्राम पंचायतों को 267 क्लस्टर में बांटा गया है। जिनमें 15 एडीओ पंचायत और 157 ग्राम पंचायत अधिकारी व ग्राम विकास अधिकारी हैं। चुनाव न होने की स्थिति में तीन से चार माह की अवधि के लिए प्रशासक नियुक्त होने की व्यवस्था है।
अभी नहीं आया कोई आदेश
प्रधानों का कार्यकाल 26 मई को समाप्त हो रहा है। उनका कार्यकाल बढ़ेगा या प्रशासक नियुक्त किए जाएंगे अभी कोई आदेश नहीं आया है। निदेशालय के आदेश का अनुपालन होगा। - मनीष कुमार, जिला पंचायतराज अधिकारी
प्रधानों का बढ़ाएं कार्यकाल
प्रधान संघ अकोला ब्लाक अध्यक्ष व ग्राम पंचायत सलेमाबाद प्रधान अभिषेक चाहर का कहना है कि सरकार चुनाव समय से कराए। वह अगर नहीं करा रही है तो वर्तमान प्रधानों का कार्यकाल बढ़ाए। अगर गांव की जिम्मेदारी प्रशासकों के रूप में अधिकारियों को दी गई, तो वह विकास कार्य नहीं करा पाएंगे।
अधिकारी को न बनाएं प्रशासक
विप्रावली प्रधान देवानंद परिहार ने कहा कि चुनाव की अब तक घोषणा नहीं हुई है। सरकार अधिकारियों को प्रशासकों की रूप में नियुक्त नहीं करें। प्रधानों को ही प्रशासक बनाए। जिससे गांव का विकास जारी रहे।