आईजी रेंज ए सतीश गणेश ने एसएसपी बबलू कुमार को 70 सटोरियों की जो सूची दी थी, उसमें से 20 दिन में सिर्फ एक पकड़ा गया है। यह है सट्टा माफिया संजय कालिया । इसे सिकंदरा थाना पुलिस ने नशीले पदार्थ की तस्करी के आरोप में बुधवार को गिरफ्तार किया है।
उसके पास से चोरी की बाइक भी मिली है। उसे जेल भेज दिया गया। उसके दो साथी फरार हो गए हैं। यह कार्रवाई भी तब हुई है जब आठ दिन पहले सटोरियों से पुलिस की 50-50 हजार रुपये महीने की वसूली की एक लिस्ट सोशल मीडिया पर वायरल हुई।
पुलिस के मुताबिक, बुधवार को सुनारी पर बैरियर लगाकर चेकिंग की जा रही थी। तभी बाइक सवार तीन लोग दिखे। पुलिस ने उन्हें रोकने की कोशिश की। इनमें से दो भाग गए, जबकि एक को पकड़ लिया गया। आरोपी नंदनपुरम, पश्चिमपुरी निवासी संजय जैन उर्फ संजय कालिया है।
उसके पास से एक किलो 100 ग्राम मादक पदार्थ और चोरी की बाइक बरामद हुई। इसके अलावा डायरी और दो मोबाइल मिले। सिकंदरा थाना के प्रभारी निरीक्षक ने बताया कि संजय ने पूछताछ में बताया है कि भागे हुए साथी अंकुश सिंघल और रिंकू हैं। तीनों क्रिकेट मैच पर सट्टा लगाते हैं। सट्टे में घाटा होने पर नशीले पदार्थ की बिक्री भी करने लगे हैं।
संजय काला से हुई पूछताछ के हवाले से पुलिस ने बताया कि वह नशीला पदार्थ की तस्करी कुछ समय से कर रहा था। वह फतेहाबाद रोड पर स्मैक और चरस बेचता है। इसमें उसके साथ और भी लोग हैं। पुलिस को उसके पास से एक डायरी मिली है। इसमें सटोरियों के नाम हैं। पुलिस इनके बारे में पड़ताल कर रही है।
हाल ही में सिकंदरा थाना की वसूली की एक लिस्ट वायरल हुई थी। इसमें संजय कालिया का नाम पहले स्थान पर था। उसके नाम के आगे 50 हजार रुपये लिखे थे। सोशल मीडिया पर वायरल लिस्ट केसाथ लिखा था कि पुलिस किस सटोरियों से कितनी वसूली करती है। सिकंदरा क्षेत्र के चार सटोरियों के नाम थे। अभी सिर्फ एक पकड़ा गया है।
बागला टावर निवासी पवन चौहान (42) का करकुंज चौराहे पर साईं प्रापर्टीज के नाम से आफिस था। नवंबर 2014 में आर्यन इंस्टीट्यूट के सामने पल्सर सवार दो बदमाशों ने पवन पर ताबड़तोड़ गोलियां चलाकर हत्या कर दी थी।
पवन चौहान की हत्या में संजय कालिया का नाम सामने आया था। पुलिस ने संजय को गिरफ्तार कर जेल भेजा था। सिकंदरा थाना प्रभारी निरीक्षक ने बताया कि संजय डेढ़ साल जेल में रहा था। इसके बाद जमानत पर बाहर आ गया था।
पुलिस ने बताया कि संजय कालिया मूलरूप से नाई की मंडी का रहने वाला है। वह कभी साइकिल पर सेल्समैन का कार्य करता था। मगर, अब लग्जरी कारों में घूमता है। उसकी पश्चिम पुरी में एक कोठी भी है। उसकी गिनती जिले के बड़े सटोरियों में होती है।