कासगंज। सरकार महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना (मनरेगा) योजना में भले ही जॉब कार्ड धारकों को सौ दिन रोजगार देने के दावे कर रही है, लेकिन जिले में इस योजना की स्थिति बिलकुल विपरीत है। मनरेगा के तहत जिले में 1.14 लाख जॉब कार्ड धारक हैं, लेकिन बीते सात माह में सिर्फ 66 जॉब कार्डधारकों को ही 100 दिन का रोजगार मिला है। विकास खंड सिढ़पुरा और गंजडुंडवारा में तो एक भी जॉब कार्ड धारक को 100 दिन का रोजगार नहीं मिला है।
जिले की 423 ग्राम पंचायतों में 1,14,948 जॉब कार्ड धारक हैं। मनरेगा योजना के तहत ग्राम पंचायतों की ओर से गांवों में चकमार्ग, तालाब का जीर्णोद्धार, खेत समतलीकरण, नाली सहित अन्य विकास कार्य कराने पर जॉब कार्डधारकों को रोजगार दिया जाता है। पिछले कई सालों से इस योजना में जॉब कार्डधारकों को रोजगार देने के आंकड़े गिरते जा रहे हैं। जिले में मनरेगा योजना दम तोड़ती जा रही है। गांव में मनरेगा मजदूरों को पर्याप्त रोजगार नहीं मिल पा रहा है। इससे उनके परिवारों का पालन-पोषण हो सके। रोजगार की तलाश में मजबूरन उन्हें शहर जाना पड़ रहा है। जिले में सिर्फ 66 जॉब कार्डधारकों को 100 दिन का रोजगार मिलने के आंकड़े इस स्थिति को बयां कर रहे हैं। गांवों में 100 का रोजगार देने के नाम पर केवल खाना पूर्ति हो रही है। विकास खंड गंजडुंडवारा और सिढ़पुरा की स्थिति सबसे ज्यादा दयनीय है। यहां पिछले सात महीने में एक भी मजदूर को 100 दिन का काम नहीं मिल सका है।
गांव ब्राहिमपुर के जॉब कार्डधारक योगेंद्र सिंह ने बताया कि गांव में मनरेगा योजना में उन्हें पर्याप्त मजदूरी नहीं मिल पाती है। काम मिलने के बाद मजदूरी के भुगतान के लिए काफी दिनों तक इंतजार करना पड़ता है। समय पर मजदूरी न मिलने से काफी दिक्कतें होती है। इस वजह से परिवार का पालन-पोषण करने के लिए शहर में काम करने के लिए जाना पड़ता है।
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वर्ष 2025 के आंकड़े 1 अप्रैल से 26 अक्तूबर तक
विकास खंड - जॉब कार्ड धारकों की संख्या - 100 दिन के रोजगार की स्थिति
अमांपुर - 14984 - 26
सोरोंजी - 18892 - 22
सहावर - 16571 - 11
पटियाली - 12599 - 4
कासगंज - 19400 - 3
गंजडुंडवारा - 14827 - शून्य
सिढ़पुरा - 17675 - शून्य
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वर्जन-
मनरेगा योजना के तहत गांव में श्रमिकों को मजदूरी देने का प्रावधान है। गांव में जो मजदूर काम मांगते हैं उनको रोजगार दिया जाता है। चुनाव के दौरान ग्राम पंचायतों में मनरेगा कार्य प्रभावित रहा। श्रमिकों को 100 दिन का रोजगार उपलब्ध कराने के प्रयास हो रहे हैं।-विकल कुमार, परियोजना निदेशक मनरेगा, कासगंज