आगरा जिले में उप निबंधक कार्यालयों में शुक्रवार से बैनामा शुरू होंगे। सिर्फ उन्हीं पक्षकारों के बैनामे पंजीकृत किए जाएंगे जो ऑनलाइन स्टांप फीस जमा करेंगे। हालांकि कोरोना संक्रमण को देखते हुए स्टांप से अधिक आय के आसार नजर नहीं आ रहे।
राज्य सरकार ने लॉकडाउन में हुई राजस्व क्षति की पूर्ति व आय बढ़ाने के लिए सभी निबंधक कार्यालयों को खोलने का निर्णय लिया है। बृहस्पतिवार को कमिश्नरी सभागार में डीआईजी स्टांप एमके सक्सेना की अध्यक्षता में 10 सब रजिस्ट्रार की बैठक हुई।
बैनामा के दौरान बरती जाने वाली सावधानियों व कर्मचारियों के आवागमन के लिए पास जारी करने पर चर्चा हुई। डीआईजी एमके सक्सेना ने बताया कि शुक्रवार से निबंधक कार्यालय खुलेगा। जो ऑनलाइन स्टांप फीस जमा करेंगे, उन्हीं पक्षकारों के बैनामा पंजीकृत होंगे। नोटों का लेनदेन नहीं होगा।
संबंधित उप निबंधक से पक्षकार को बैनामा प्रस्तुत करने से पहले समय लेना पड़ेगा। जो समय निश्चित होगा, उसी समय बैनामा पेश किया जाएगा। उन्होंने बताया कि 10 उप निबंधक समेत 36 कर्मचारियों के आवागमन के लिए एडीएम वित्त ने इमरजेंसी पास जारी कर दिए हैं।
ग्लब्स और मास्क पहनना जरूरी
बैनामा दस्तावेज पकड़ने के लिए कर्मचारी अनिवार्य रूप से हाथ में ग्लब्स पहनेंगे। सभी के लिए मास्क अनिवार्य होगा। डीआईजी स्टांप ने बताया नियमित रूप से निबंधक कार्यालय को सैनिटाइज किया जाएगा।
जरूरत पड़ी तो मांगेंगे पुलिस फोर्स
निबंधन कार्यालय में बैनामा के दौरान पक्षकारों को सामाजिक दूरी का पालन करना होगा। डीआईजी ने कहा, अगर भीड़ बढ़ती है तो पुलिस फोर्स उपलब्ध कराने की मांग की जाएगी।
हड़ताल पर दस्तावेज लेखक व वकील
लॉकडाउन के दौरान सदर तहसील के वकील व दस्तावेज लेखक अनिश्चितकाल के लिए हड़ताल पर हैं। ऐसे में बैनामा दस्तावेज कैसे तैयार होंगे। कौन उन्हें लिखेगा। कौन सत्यापित करेगा इन सवालों का जवाब डीआईजी के पास नहीं। उन्होंने कहा, कार्यालय खुलने के बाद ही पूरी तस्वीर साफ हो सकेगी।
पक्षकार व गवाह को मिलेगा प्रवेश
सदर तहसील स्थित उप निबंधक कार्यालयों में बैनामा पेश करते समय अंदर सिर्फ पक्षकार व एक गवाह को प्रवेश मिलेगा।