हीरे की अंगूठी आनलाइन बुक कराने वाले एम्पोरियम संचालक राहुल आनंद के हाथ में खाली डिब्बा आया। कंपनी से शिकायत करने पर भी रुपये वापस नहीं हुए। इस पर पुलिस से शिकायत की। पुलिस ने जांच में मामला सही पाया। एसएसपी ने मुकदमा दर्ज करने के आदेश किए हैं।
बंसल नगर, ताजगंज निवासी राहुल आनंद का फतेहाबाद रोड पर एम्पोरियम है। 17 जनवरी को उन्होंने मोबाइल एप पर कंपनी के आफर में आई सोलिटियर डायमंड रिंग देखकर बुक कराई थी। उन्होंने क्रेडिट कार्ड से 42,633 रुपये का पेमेंट कर दिया। 31 जनवरी को कंपनी के कर्मचारी ने काल करके कहा कि अंगूठी पार्सल से भेजी है।
दो से तीन दिन में डिलीवर हो जाएगी। मगर, ऐसा नहीं हुआ। व्यवसायी ने शिकायत की। कर्मचारी ने जांच की बात कही। 17 फरवरी को फोन करके फिर बताया कि रिंग अब डाक से भेजी गई है। जल्द पहुंच जाएगी। दो दिन बाद डाक से पार्सल आया। जब पार्सल खोला तो उसमें एक डिब्बा था। अंगूठी नहीं थी।
व्यवसायी राहुल ने पार्सल को खोलने की मोबाइल से क्लीपिंग बना ली। उन्होंने बताया कि वह अक्सर कई प्रोडक्ट ऑनलाइन मंगवाते हैं। हर बार वह प्रोडक्ट की क्लीपिंग बना लेते हैं, जिससे किसी तरह की ठगी होने पर उसे सुबूत के तौर पर पेश किया जा सके।
वहीं व्यवसायी का आरोप है कि पुलिस ने सुनवाई नहीं की। वह जब भी थाने पर जाते थे पुलिस उन्हें कार्रवाई का आश्वासन देकर वापस भेज देती थी। उन्होंने जनसुनवाई पोर्टल पर शिकायत की। इसके बाद उनके पास पुलिस को फोन आया। तब अधिकारियों ने पूरा मामला संज्ञान में लिया।
एक्सपर्ट बताते हैं कि ऑनलाइन सामान मंगवाने पर कुछ जरूरी बातों का ध्यान रखना चाहिए। प्रोडक्ट घर लाने वाले कोरियर कंपनी और डाक विभाग के कर्मचारी का नाम और बाइक का नंबर जरूर नोट करें। पार्सल को खोलने की वीडियो रिकॉर्डिंग बना लें। इसके साथ ही हर कंपनी पर भरोसा नहीं करना चाहिए। कैश और डिलीवरी वाली कंपनी से सामान मंगवाएं।