22 साल से लड़ रहे लड़ाई
ग्रामीण क्षेत्रों में फ्लोराइडयुक्त भूजल के खिलाफ 22 साल से लड़ाई लड़ रहे हैं। 2017 में आगरा से दिल्ली तक पैदल मार्च किया। प्रधानमंत्री कार्यालय से जांच के निर्देश हुए। जल निगम ने फिर यहां ‘खेल’ किया। ओवरहेड, टीटीएसपी व हैंडपंप को प्रधानों के हस्तांतरित दिखाते हुए कहा कि प्रधानों ने रखरखाव नहीं किया इसलिए योजनाएं बंद हो गई हैं। पीएमओ के आदेश पर हुई जांच जब अफसरों ने दबाई तब उन्हें 2018 में हाईकोर्ट में जनहित याचिका दायर करनी पड़ी है।
एटा से लाएंगे गंगाजल
अधिशासी अभियंता जल निगम जयपाल सिंह ने कहा कि भूजल योजनाएं कारगर नहीं हैं। एटा से पाइपलाइन के जरिये गंगाजल की योजना बनाई है। करीब 4 हजार करोड़ रुपये का प्रोजेक्ट है। गंगाजल आने के बाद फ्लोराइड की समस्या खत्म हो जाएगी।
कराई जाएगी जांच
मुख्य विकास अधिकारी ए मनिकंडन ने कहा किप्रमुख सचिव व ग्रामीण आपूर्ति को उच्च न्यायालय ने निर्देश दिए हैं। एक महीने में जांच रिपोर्ट मांगी है। जांच कराई जाएगी। जलनिगम के अधिकारियों को निर्देशित कर दिया है।