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रोडवेज बस स्टैंड को तरस रही एक लाख की आबादी

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गंजडुंडवारा। कस्बा और आस -पास के क्षेत्र में एक लाख की आबादी आज तक एक रोडवेज बस स्टैंड को तरस रही है। यहां हैंडलूम का मुख्य व्यवसाय भी इस सुविधा के अभाव में विकसित नहीं हो पा रहा। आज भी लोग अलग-अलग स्थानों पर जाकर घंटों निर्धारित रूट की बसों का इंतजार करते हैं। इन स्थानों पर न तो पेयजल की व्यवस्था है और न ही शेड की। ऐसे में यात्री खुले में खड़े रहकर मौसम की मार सहने को मजबूर हैं। स्थानीय व्यापारियों और वाशिंदों की मांग है कि जल्द ही यहां एक रोडवेज बस स्टैंड बनाया जाए, जिससे उनकी समस्याओं का समाधान हो और व्यापार को गति मिले।
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गंजडुंडवारा से एटा, कासगंज, बदायूं आदि स्थानों पर जाने के लिए यात्रियों को परेशानियां होती हैं। बसें अलग-अलग स्थानों पर खड़ी रहती हैं। एटा जाने वाली बसें फाटक पार एटा रोड पर खड़ी होती है। ऐसे में अगर ट्रेन के आवागमन के कारण रेलवे फाटक बंद हो तो कई बार यात्रियों की बस छूट जाती है। कासगंज और सहावर की ओर जाने वाली बसें सहावर रोड पर खड़ी होती हैं। इन जगहों पर न हैंडपंप है और न यात्री शेड। यात्रियों का कहना है कि तेज धूप और बारिश में बसों का इंतजार करना काफी मुश्किल हो जाता है। व्यापारियों ने बताया कि यहां हैंडलूम सहित अन्य व्यवसाय हैं। इस सिलसिले में व्यापारियों को दूर- दराज भी जाना पड़ता है, लेकिन आवागमन में हो रही दिक्कतों के कारण यह व्यवसाय भी सिमट रहे हैं। जन प्रतिनिधियों का ध्यान इस ओर नहीं है। रोडवेज बस स्टैंड बन जाए तो सभी ओर जाने के लिए एक जगह से बसें मिलने लगेंगी। इससे या त्रियों को सहूलियत मिलेगी।
लोगों की बात:
- यहां हैंडलूम का व्यवसाय बड़े पैमाने पर होता है। धूप और बारिश में खड़े होकर बसों का इंतजार करना होता है। रात्रि में खासी परेशानी होती है। बसें भी जहां तहां खड़ी रहती हैं। बस स्टैंड का निर्माण कराया जाना जरूरी है। - नवनीत कुमार गुप्ता, कपड़ा कारोबारी।
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- नगर की आबादी लगभग एक लाख है। आस पास के ग्रामीण क्षेत्र के लोग भी यहीं से गंतव्य के लिए बसों में सवार होते हैं। धूप, बारिश और पेयजल आदि के लिए परेशानी होती है। शीघ्र ही बस स्टैंड बनवाया जाए। - विनीत कुमार गुप्ता, गल्ला कारोबारी।
नगर पालिका के द्वारा कस्बे में बस स्टैंड के लिए जमीन मुहैया कराई जाए। इसके बाद बस स्टैंड के निर्माण का प्रस्ताव बनवाकर निगम के मुख्यालय भेजा जा सकता है। - संजीव कुमार, एआरएम
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