आगरा नगर निगम में एक ही नाले की टूटी दीवार को दो अलग-अलग वार्डों का बताकर लाखों रुपये के दो एस्टीमेट तैयार करने का मामला सामने आया है। एक ही फोटो और जीपीएस लोकेशन वाले प्रस्तावों ने इंजीनियरों की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
आगरा नगर निगम के इंजीनियरों की अजब करतूत सामने आई है। हाल ही में हुई बारिश में वार्ड-83 कंस गेट पर नाले की दीवार ढह गई थी। इसके निर्माण के लिए 9.89 लाख रुपये का एस्टीमेट बनाया गया। चौंकाने वाली बात ये है कि इसी नाले को वार्ड-46 में गोकुलपुरा का बताकर 8.75 लाख रुपये का दूसरा एस्टीमेट बना दिया गया। दोनों में एक ही जगह का फोटो लगाया गया है और इसे तैयार करने वाला अवर अभियंता भी एक ही है।
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वार्ड-83 राजामंडी क्षेत्र में कंस गेट पर वाल्मीकि बस्ती के पास बीते पखवाड़े हुई बारिश से नाले की दीवार गिर गई थी। इससे मकानों के गिरने का खतरा था। ऐसे में नाले की मरम्मत के लिए 9,89,272 रुपये की फाइल तैयार कराई गई। नगर निगम के इंजीनियर ने खेल करते हुए उसी नाले की गिरी दीवार को वार्ड-46 में गोकुलपुरा क्षेत्र की बताकर फिर से 8.75 लाख रुपये का एस्टीमेट बना दिया।
जीपीएस लोकेशन के साथ लगाई गई तस्वीर दोनों एस्टीमेट में कंस गेट नाले की टूटी हुई दीवार की है। राजामंडी की पार्षद मंजू प्रजापति ने प्रकरण पर कहा कि भ्रष्टाचार के लिए एक ही जगह के दो प्रस्ताव बनाए गए हैं, जिन्हें अलग-अलग वार्ड में दिखाया गया है। उन्होंने नगर आयुक्त से अवर अभियंता के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है।
की जाए कार्रवाई
पूर्व पार्षद राजेश प्रजापति का कहना है कि मेरे क्षेत्र में नाले की दीवार जहां गिरी है, उसी जगह का फोटो लगाकर दूसरे वार्ड में भी एस्टीमेट तैयार किया गया है। भ्रष्टाचार और लापरवाही का यह नमूना भर है कि इंजीनियर किस तरह से काम कर रहे हैं। इस मामले में नगर आयुक्त और मेयर कार्रवाई करें।
लापरवाही पर होगी कार्रवाई
चीफ इंजीनियर अरविंद श्रीवास्तव ने बताया कि यह मामला मेरे संज्ञान में नहीं है। इस मामले की पूरी जांच कराऊंगा कि दो फाइलें कैसे बनीं। लापरवाही मिली तो कार्रवाई जरूर होगी।
सड़क में गड़बड़ी पर निलंबित हो चुके हैं इंजीनियर
आगरा नगर निगम में ऐसा पहली बार नहीं हुआ है। इससे पहले दो बार एक ही सड़क के दो एस्टीमेट बनाने और टेंडर निकालने पर अवर अभियंता निलंबित किए जा चुके हैं। पूर्व नगर आयुक्त निखिल फुंडे ने मदिया कटरा में सड़क निर्माण में दो एस्टीमेट बनाने पर इंजीनियर को सस्पेंड किया था। वहीं अलबतिया रोड पर एडीए के सड़क बनाने के बाद नगर निगम के इंजीनियर ने बनी बनाई सड़क का एस्टीमेट बना दिया था। उस मामले में भी इंजीनियर को निलंबित किया जा चुका है।