जिला अस्पताल के रूम नंबर 10 में ब्लैक फंगस संक्रमितों के लिए क्लीनिक खोला गया है। यहां न तो सुविधाएं हैं न पर्चे बनाने के लिए कोई कर्मचारी तैनात है। सोमवार को महोली रोड स्थित शक्ति नगर निवासी एक व्यक्ति संदिग्ध लक्षणों की जांच के लिए क्लीनिक पहुंचा। यहां बैठे नेत्र रोग विशेषज्ञ ने उन्हें कमरा नंबर 5 से पर्चा बनवाकर लाने को कहा।
लगभग डेढ़ घंटे तक भटकने के बाद भी उसका पर्चा नहीं बन सका। पीड़ित ने बताया कि कोरोना संक्रमित हो चुका है, दो दिन से आखों में जलन हो रही है। मन में ब्लैक फंगस का डर है। वह चिकित्सकों से परामर्श के लिए जिला अस्पताल आया था। चिकित्सक ने बिना जांच पड़ताल किए कह दिया कि उन्हें ऐसी कोई बीमारी नहीं है। क्लीनिक में नाक, कान, गला, नेत्र विशेषज्ञ के साथ एक फिजीशियन अनिवार्य है। पर एक चिकित्सक तैनात हैं।
जिला अस्पताल के सीएमएस डॉ. मुकुंद बंस ने कहा कि सोमवार को एक भी व्यक्ति ब्लैक फंगस से संक्रमित नहीं आया। महोली रोड के जो व्यक्ति आए थे उन्हें ब्लैक फंगस की शिकायत नहीं थी।