कासगंज। जिले में औद्योगिक विकास के लिए औद्योगिक भूखंडों की समस्या लंबे समय से बनी हुई है। जिले में एक ही औद्योगिक आस्थान संचालित है। सरकारी स्तर पर नए औद्योगिक आस्थान विकसित नहीं हो पा रहा है। ऐसी स्थिति में औद्योगिक योजनाएं भी धरातल पर नहीं उतर पा रहीं। इसे देखते हुए जिले में शासन की योजना के मुताबिक औद्योगिक पार्क निजी निवेशकों के द्वारा विकसित किए जा सकते हैं। साथ ही लघु उद्योगों की स्थापना के लिए भूखंड भी मिल सकेंगे। पार्क को बनाने और उसे संचालित करने की जिम्मेदारी निजी निवेशकों की होगी।दस एकड़ से पचास एकड़ तक के औद्योगिक पार्क विकसित किए जाएंगे। सड़क, बिजली, पानी, जल निकासी सहित सुविधाएं इन औद्योगिक पार्कों में उपलब्ध रहेंगी। इन पार्कों में एमएसएमई के अंतर्गत आने वाले उद्योगों को भूखंड मिलेंगे। इस योजना के मुताबिक निजी निवेशकों को सर्किल रेट पर भूमि की लागत की 90 प्रतिशत धनराशि 1 फीसदी की ब्याजदर पर शासन के द्वारा उपलब्ध कराई जाएगी। इसके अलावा अतिरिक्त पूंजी की व्यवस्था निवेशक निजी सोर्स व बैंक के माध्यम से करेंगे। औद्योगिक पार्क विकसित होने पर भूखंडों की बिक्री से प्राप्त होने वाली धनराशि शासन के खाते में जाएगी जहां से राज्य सरकार, निवेशक एवं वित्तीय पोषण करने वाली बैंक को धनराशि मिलेगी। विकसित किए जा रहे निजी औद्योगिक पार्कों के भूखंडों का आवंटन, संचालन एवं मूलभूत अवस्थापना सुविधाओं के रखरखाव का संपूर्ण दायित्व निजी निवेशक का होगा। औद्योगिक पार्क में न्यूनतम दस इकाइयों को भूखंड आवंटित करना अनिवार्य होगा। निर्धारित समय में सरकार के द्वारा दी गई धनराशि निवेशक को लाैटानी होगी।