गांव लखनामई में प्रेमी युगल सोनू और मालती की हत्या पर दोनों परिवार ही परदा डालने में जुट गए हैं। उनके घरवालों ने शपथपत्र देकर कहा है कि दोनों ने आत्महत्या की थी। वे कार्रवाई नहीं चाहते हैं। अब तक सोनू के घरवाले मालती के पिता-भाई पर हत्या का आरोप लगाते रहे जबकि मालती के परिवार का कहना था कि सोनू ने मालती को गोली मारकर खुदकुशी की। हालांकि पुलिस वारदात में इस्तेमाल हथियार अब तक बरामद नहीं कर सकी।
बता दें, एत्मादपुर के गांव लखनामई में नौ फरवरी की शाम को गांव के उम्मेद सिंह की पुत्री मालती और पड़ोसी गांव संवाई के सोनू के शव खेत पर पड़े मिले। दोनों की गोली लगने से मौत हुई थी। मालती के पिता उम्मेद सिंह ने सोनू के खिलाफ हत्या का मुकदमा लिखाया। सोनू के घरवालों ने इसे ऑनर किलिंग बताते हुए डीआईजी से गुहार लगाई। डीआईजी के हस्तक्षेप के बाद पुलिस ने सोनू के पिता अशोक सिंह की तहरीर को मुकदमे में शामिल करके जांच शुरू की तो मालती के पिता और दोनों भाई घर से फरार हो गए। जांच का ड्रामा करती रही पुलिस ने मालती के रिश्तेदारों को हिरासत में लिया पर उसके पिता और भाई का पता नहीं लगा सकी। इधर, गत दिवस मानवाधिकार आयोग ने मामले में एसएसपी से चार सप्ताह में रिपोर्ट तलब की। महिला आयोग ने भी जांच रिपोर्ट मांगी है।
अब नया मोड़ आ गया। मालती और सोनू के घरवालों ने एसएसपी के समक्ष शपथपत्र प्रस्तुत कर दिए हैं। पुलिस के मुताबिक शपथ पत्रों में कहा गया है कि सोनू और मालती का रिश्तेेदारी के कारण एक-दूसरे का घर आना जाना था। उनमें प्रेम हो गया। मालती का विवाह दूसरी जगह तय होने की बात पर दोनों ने आत्महत्या कर ली होगी। दोनों परिवार के किसी सदस्य का इस मामले में कोई हाथ नहीं है। गांव में पार्टीबंदी होने के कारण किसी ने पुलिस को गलत सूचना दे दी थी। इंस्पेक्टर बीके भाटी ने बताया कि सोनू और मालती के पिता और परिवार के अन्य सदस्यों ने भी शपथपत्र दिए हैं। हालांकि शपथ पत्र कब दिए गए यह वे नहीं बता सके।
लेकिन जारी रहेगी पुलिस की जांच : एसएसपी
एसएसपी राजेश डी. मोदक ने कहा कि इस मामले में पुलिस की जांच जारी रहेगी। दोनों के घरवालों ने शपथ पत्र भले दिए हों, पर इसका कोई महत्व नहीं है। पुलिस किसी निष्कर्ष पर पहुंचने तक छानबीन करती रहेगी।