आगरा के स्वास्थ्य विभाग की पीसीपीएनडीटी सेल ने ताजनगरी स्थित चंद्रा हॉस्पिटल में भ्रूण लिंग जांच प्रकरण की रिपोर्ट डीएम को सौंप दी है। इसमें स्टिंग की रूपरेखा, डमी मरीज के बयान समेत अन्य तथ्य भेजे हैं। डीएम के निर्देश पर अस्पताल के अल्ट्रासाउंड सेंटर का लाइसेंस निरस्त किया जाएगा।
सोमवार को पीसीपीएनडीअी सेल ने ताजनगरी स्थित चंद्रा हॉस्पिटल में भ्रूण लिंग जांच का मामला पकड़ा था। सेल के नोडल प्रभारी डॉ. वीरेंद्र भारती के मुताबिक डमी मरीज से स्टिंग किया गया। मरीज का अल्ट्रासाउंड कर डॉ. संजना महेश और डॉ. सत्येंद्र चंद्रा ने उसे गर्भ में पल रहे भ्रूण के लिंग की जानकारी दी। अल्ट्रासाउंड मशीन सील करने के साथ ही चिकित्सक दंपती के खिलाफ मुकदमा भी दर्ज कराया गया।
नोडल प्रभारी डॉ. वीरेंद्र भारती ने बताया कि रिपोर्ट डीएम को भेजी गई है। अल्ट्रासाउंड सेंटर के लाइसेंस निरस्त समेत आगे की कार्रवाई उनके निर्देश पर होगी। वहीं भ्रूण लिंग जांच स्टिंग को गलत ठहराते हुए आरोपी चिकित्सक दंपती के समर्थन में फोग्सी और आईएमए का प्रतिनिधि मंडल डीएम से मिला। प्रतिनिधि मंडल ने स्टिंग को फर्जी बताते हुए साजिशन चिकित्सक दंपती को फंसाने की बात कही।
आईएमए सचिव डॉ. ओपी यादव ने बताया कि प्रतिनिधि मंडल ने डीएम से मिलकर पूरे स्टिंग की हकीकत बताई है। इसमें चिकित्सकों को फंसाया गया है। डीएम से मामले की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की है। प्रतिनिधि मंडल में फोग्सी अध्यक्ष डॉ. जयदीप मल्होत्रा, डॉ. नरेंद्र मल्होत्रा, डॉ. आरएन गोयल, डॉ. अनुपम गुप्ता रहे।