आगरा पुलिस ने वाहनों को ऑन डिमांड गैंगों से चोरी कराकर खरीदने और बेचने वाले मास्टरमाइंड 50 हजार के इनामी राजीव शर्मा उर्फ राजू गोली को गिरफ्तार किया है। वह पिछले डेढ़ साल से पुलिस के लिए सिरदर्द बना हुआ था। उसका साथी नंदलाल उर्फ नंदू भी पकड़ा गया। उनसे चोरी की ब्रीजा गाड़ी भी बरामद हुई।
डीसीपी ने बताया कि राजू गोली पर 50 हजार का इनाम था। वह 15 साल से चोरी के वाहन की बिक्री कर रहा है। एक हजार से अधिक गाड़ियां बेची हैं। पूर्व में दिल्ली और लखनऊ से जेल जा चुका है। जेल में उसका संपर्क वाहन चोर गैंग से हुआ था। इसके बाद वो अगल-अलग राज्य और जिलों में सक्रिय वाहन चोर गैंगों के संपर्क में आ गया। वह लोगों की मांग पर स्कार्पियो, फॉरच्यूनर, इनोवा, बोलेरो के लिए चोरों से संपर्क करता था। वह उसे कार चोरी करके बेचते थे। इसके बदले वो 2.5 से 3 लाख देता था। यही चोरी की गाड़ी को वो 4-5 लाख रुपये में बेच देता था। इसके लिए फर्जी दस्तावेज भी तैयार करता था। 100 से अधिक कारों को दिल्ली, नोएडा, गाजियाबाद, मध्य प्रदेश, लखनऊ, कानपुर आदि से चोरी कराकर बेच चुका है।
तीन साल में वो आगरा से चोरी 30 कारों को बिहार, असम, झारखंड, मणिपुर आदि जगहों में बेच चुका है। वह आगरा के 28 मुकदमों का मास्टरमाइंड है। डेढ़ साल से पुलिस तलाश में लगी थी। सर्विलांस की मदद से आरोपी की लोकेशन पता की गई। इसके बाद गिरफ्तार कर लिया गया। उसे कोर्ट में पेश किया, जहां से उसे जेल भेजा गया है। अब पुलिस उसे रिमांड पर लेकर पूछताछ करेगी।
पूर्व में पुलिस ने वाहन चोरी करने वाले हृदेश भदौरिया, प्रदीप भदौरिया, महिन आरा, सुजान उर्फ गुट्टन सहित 14 को जेल भेजा है। अब राजू और नंदलाल को गिरफ्तार कर लिया गया। पुलिस को अब दो और सदस्यों की तलाश है। लग्जरी कारों का लॉक डिवाइस की मदद से तोड़ा जाता था। इस काम में 10 से 15 मिनट का समय लगता है। गैंग घरों के बाहर खड़े वाहनों को निशाना बनाता है।