फोटो36गंजडुंडवारा में आंवला के पेड़ की पूजा कर परिक्रमा लगाती महिलाएं । संवाद
सोरोंजी। कार्तिक शुक्ल पक्ष की नवमी तिथि पर श्रद्धा और आस्था के साथ आंवला नवमी पर्व मनाया गया। इसे इच्छा नवमी के रूप में भी जाना जाता है। इस अवसर पर महिलाओं ने पारंपरिक रूप से आंवला वृक्ष की पूजा की और कथा सुनी। इसके बाद अपने घर से बनाकर लाए हुए भोजन को पहले भगवान को अर्पित किया और फिर वहीं आंवला वृक्ष के नीचे बैठकर कई महिलाओं ने प्रसाद ग्रहण किया। महिलाओं ने व्रत रखकर आंवला वृक्ष की पूजा-अर्चना कर परिवार की सुख-समृद्धि की कामना की। किवदंतियों के अनुसार, इस दिन गरीबों को दान देने से शुभ फल प्राप्त होता है। वराह मंदिर में भी आंवला के पेड़ की पूजा अर्चना की गई।