बाह। भदावर (बाह) की माटी ने सैनिक जन्मे हैं या फिर खिलाड़ी पैदा किए हैं। बलिष्ठ माटी में पले बढ़े जैतपुर के विजय सिंह चौहान एवं पिनाहट के अंकित शर्मा ने ओलंपिक तक दस्तक देकर देश का मान बढ़ाया था। एशियाड में जीते पदकों के ढेर पर खड़े दोनों एथलीटों ने कई कीर्तिमान गढ़े हैं। अपनी प्रतिभा के बूते विजय सिंह चौहान ने अर्जुन अवार्ड एवं अंकित शर्मा ने एकलव्य अवार्ड जीत कर देश-प्रदेश का मान बढ़ाया था। एथलेटिक्स की सीढ़ी पर चढ़कर विजय सिंह चौहान प्रदेश के खेल निदेशक बने तो अंकित शर्मा ने इनकम टैक्स इंस्पेक्टर की नौकरी पाई।
आयरन मैन ऑफ एशिया घोषित किए गए
जैतपुर में पले बढ़े एथलीट विजय सिंह चौहान ने 1973 में मनीला एशियाई चैंपियनशिप में डेकैथलॉन का स्वर्ण पदक जीता था। उनका 7378 अंक का रिकॉर्ड 6 साल तक नहीं टूटा था। उनके दमदार प्रदर्शन पर आयरन मैन ऑफ एशिया घोषित किया गया था। 1971 में कुआलालंपुर में मलेशियाई एथलेटिक मीट में हिस्सा लिया और 110 मीटर बाधा दौड़ और डेकैथलॉन में शानदार प्रदर्शन कर दोहरा स्वर्ण पदक जीता था। विजय सिंह चौहान ने 1972 के म्यूनिख ओलंपिक में अच्छा प्रदर्शन किया था। 1974 तेहरान एशियाई खेलों में नए रिकॉर्ड के साथ स्वर्ण पदक जीता था। यूपी सरकार में 11 साल तक खेल निदेशक रहे विजय सिंह चौहान 2003 में सेवानिवृत्त हुए। उन्हें मिला अर्जुन अवार्ड आज की पीढ़ी को आगे बढ़ने की प्रेरणा देता है।
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अंकित शर्मा ने रियो ओलंपिक में लगाई थी लंबी छलांग
वर्ष 2016 के रियो ओलंपिक में लंबी छलांग लगाने वाले पिनाहट के हरनाथ शर्मा के बेटे एथलीट अंकित शर्मा ने खेल कोटे में इनकम टैक्स इंस्पेक्टर की नौकरी हासिल की है। जून 2016 में ही अंकित ने कजाकिस्तान के अल्माटी में आयोजित जी. कोसानोव मेमोरियल मीट में 8.19 मीटर लंबी छलांग लगाकर नया राष्ट्रीय रिकॉर्ड बनाया था। इतना ही नहीं उन्होंने 2016 के दक्षिण एशियाई खेलों में 7.89 मीटर की छलांग के साथ स्वर्ण पदक जीता और 27 साल पुराना रिकॉर्ड तोड़ा था। इंटरनेशनल एसोसिएशन ऑफ एथलेटिक्स फेडरेशन में वह सीनियर आउटडोर वर्ग में विश्व के नंबर एक लंबी कूद खिलाड़ी भी रह चुके हैं। चंबल के बीहड़ में खेलकूद कर बड़े हुए अंकित शर्मा की उपलब्धि आज की पीढ़ी को आगे बढ़ने के लिए प्रेरित करती है।
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