ओलंपियन, अर्जुन पुरस्कार प्राप्त भारतीय हॉकी टीम के पूर्व कप्तान जगबीर सिंह शनिवार को एकलव्य स्पोर्ट्स स्टेडियम में हॉकी के एस्ट्रोटर्फ को देख बेहद निराश हुए। एस्ट्रोटर्फ लगवाने के लिए उन्होंने कई वर्षों से प्रयास कर रहे थे। उन्होंने कहा कि एस्ट्रोटर्फ मानक के अनुरूप नहीं बिछाई गई है।
मीडिया से बातचीत में जगबीर सिंह ने कहा कि हॉकी खिलाड़ी के तौर पर उन्हें एस्ट्रोटर्फ से संतुष्ट नहीं हैं। इसमें बहुत कमियां हैं। नए टर्फ में पैचेज नहीं लगाए जाते हैं। पैचेज तो मरम्मत के समय लगते हैं। उन्होंने देश और दुनिया के तमाम एस्ट्रोटर्फ देखे हैं। उन्होंने कहा कि खेल विभाग को मैदान हैंडओवर कराने से पूर्व एजेंसी के कार्यों को मानकों पर रखना चाहिए। राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय स्तर की एजेंसियों से इसकी जांच करानी चाहिए।
जगबीर सिंह ने कहा कि इस मैदान से आगरा के खिलाड़ियों का भविष्य जुड़ा हुआ है। इसके साथ समझौता स्वीकार नहीं है। इस मैदान पर राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय स्तर के मैच कराने की योजना है। मानक पर मैदान खरा नहीं होगा तो मैच कैसे होंगे। उनके निरीक्षण के दौरान क्षेत्रीय क्रीड़ाधिकारी और टर्फ लगाने वाली एजेंसी के ठेकेदार मौजूद नहीं थे। इससे बात नहीं हो सकी। एक खिलाड़ी के तौर पर ही उन्होंने अपनी प्रतिक्रिया दी।
हालांकि जगबीर सिंह ने शनिवार को मैदान में खेल रहे खिलाड़ियों का उत्साहवर्धन किया। अच्छे प्रदर्शन कर रहे खिलाड़ियों को अंतर्राष्ट्रीय खिलाड़ियों की जर्सी भी भेंट की। उन्होंने खिलाड़ियों को हॉकी के बदलते नियमों की जानकारी दी। घास और टर्फ के खेल के बीच अंतर को समझाया। खिलाड़ियों ने उनके आदर्श खिलाड़ी के बारे में पूछा। यह भी जाना कि कौन-कौन खिलाड़ी इस खेल में भविष्य बनाना चाहता है।