लॉकडाउन में सबसे ज्यादा मुश्किलों का सामना वे लोग कर रहे हैं, जो बुजुर्ग गरीब और असहाय हैं। संकट की इस घड़ी में मदद ही इनके भरण पोषण का एकमात्र जरिया है। इसी मदद की आस में एक वृद्धा 50 किमी पैदल चलकर बैंक पहुंची, लेकिन वहां जाकर उसे पता चला कि सरकारी मदद उसके खाते में आई ही नहीं है।
फिरोजाबाद के थाना पचोखरा के गांव हिम्मतपुर निवासी 72 वर्षीय राधा पत्नी हरवीर आगरा के रामबाग में रहकर मजदूरी कर पेट पाल रही हैं। लॉकडाउन के कारण काम बंद हो जाने से उनके पास रखे रुपये भी खत्म हो गए हैं।