मैनपुरी। सीएम विश्वकर्मा श्रम सम्मान योजना के तहत पिछले वित्तीय वर्ष 2024-25 में प्रशिक्षित किए गए 1050 से अधिक कारीगर, जैसे दर्जी, हलवाई, लुहार और बढ़ई, अब तक टूलकिट का इंतज़ार कर रहे हैं। वहीं दूसरी ओर वित्तीय वर्ष 2025-26 के लिए भी एक हजार से अधिक नए आवेदन आ चुके हैं। हाल ही में सिलाई मशीन के आवेदकों के साक्षात्कार पूरे हुए हैं। ऐसे में सवाल उछ रहा है कि उन्हें टूलकिट कब मिलेगी, कब वे अपना रोजगार शुरू करेंगे। प्रशिक्षण प्राप्त करने वाले श्रमिक हर रोज जिला उद्योग केंद्र के चक्कर काट रहे हैं। कार्यालय से उनको टूल किट शासन द्वारा ही क्रय किए जाने के बाद वितरित होने की बात कही जाती है। मगर, टूल किट कब मिलेगी, इसका किसी के पास कोई जवाब नहीं रहता है। श्रमिकों का कहना है कि उन्होंने अपना कीमती समय और ऊर्जा प्रशिक्षण में लगाई, इस उम्मीद में कि उन्हें जल्द ही काम शुरू करने के लिए जरूरी उपकरण मिलेंगे। लेकिन अब उन्हें सिर्फ इंतजार करना पड़ रहा है। वित्तीय वर्ष 2024-25 में जिले में जिला उद्योग केंद्र की ओर से 550 से अधिक दर्जी, 250 से अधिक हलवाई, 75 से अधिक लोहार, 75 से अधिक बढ़ई, 50 से अधिक राजमिस्त्री, 100 से अधिक नाई की टूल किट पाने को आवेदन करने वालों का चयन करते हुए विभाग ने अक्तूबर 2024 में प्रशिक्षण कराया था। सीएम विश्वकर्मा श्रम सम्मान योजना के तहत प्रदेश के 75 हजार श्रमिकों को अक्तूबर 2024 में प्रशिक्षण दिया गया था। इन श्रमिकों को टूल किट देनी थी। सरकार ने 112.50 करोड़ रुपये का बजट भी दिया। मगर, उद्योग एवं उद्यम प्रोत्साहन निदेशालय टूल किट की खरीद नहीं की। वित्तीय वर्ष समाप्त हो गया और बजट लैप्स हो गया। 112.50 करोड़ रुपये सरेंडर करने पड़े।योजना के तहत नौ ट्रेड में काम करने वालों को प्रशिक्षण दिया गया। इनमें दर्जी, राजमिस्त्री, बढ़ई, लोहार, कुम्हार, धोबी, नाई, टोकरी बुनकर और हलवाई को अपना रोजगार स्थापित कराने के उद्देश्य से शासन ने इन ट्रेड के श्रमिकों को प्रशिक्षण देने और उसके बाद कार्य संबंधी टूल किट देने का प्रावधान किया है, जिससे की यह लोग स्वः रोजगार स्थापित कर सकें।शासन ने योजना में शामिल ट्रेड के श्रमिकों को देने के लिए एक टूल किट की खरीद 15 हजार रुपये में करना तय किया है। मगर, बजट जारी होने के बाद भी उद्योग एवं उद्यम प्रोत्साहन निदेशालय ने टूल किट खरीद के लिए टेंडर नहीं किया था। इसके चलते प्रशिक्षण प्राप्त श्रमिकों को अब तक टूल किट नहीं मिल पाई है।