प्रत्यक्षदर्शी बाबा बंगालीदास ने बताया कि आश्रम के संचालक एवं कथावाचक भीड़ लगाकर भोजन प्रसाद के साथ-साथ दक्षिणा बांट रहे थे। भीड़ अधिक होने पर वहां मौजूद सुरक्षा कर्मियों ने डंडे भांजने शुरू कर दिए। इससे वहां भगदड़ की स्थिति उत्पन्न हो गई और भीड़ में फंसकर गणेशलाल गिर पड़े। कई लोग उन्हें पैरों से कुचलते हुए निकले, जिससे उनकी मौके पर मृत्यु हो गई।
'कुछ लोग वृंदावन का नाम कर रहे बदनाम'
महंत फूलडोल बिहारीदास ने बताया कि भोजन वितरण करने का तरीका होता है। कुछ लोग प्रदर्शनी करने और अपना प्रचार के लिए भीड़ एकत्रित करने के लिए बाहर से यहां आकर वृंदावन के नाम को बदनाम कर रहे हैं। भोजन वितरण, वृद्ध माताओं और गो सेवा के नाम पर लोगों के साथ ठगी कर रहे हैं। भोजन बांटना है तो सही प्रकार से बांटो, ऐसा न करें कि किसी की जान चली जाए। प्रदर्शन करना बहुत गलत है।
एसपी सिटी एमपी सिंह ने बताया कि मृतक की पत्नी मुन्नी देवी ने लिखकर दिया है कि गणेशलाल की मौत बीमारी के कारण हुई थी। पुलिस को भगदड़ की स्थिति की जानकारी नहीं मिली।