फिरोजाबाद जिला अस्पताल (मेडिकल कॉलेज) में तैनात स्टाफ की लापरवाही थमने का नाम नहीं ले रही। दो दिन पहले उपचार के दौरान एमआईसीयू में दम तोड़ने वाले वृद्ध के शव को पोस्टमार्टम हाउस में तो रखवा दिया गया, लेकिन पुलिस को मीमो भेज कर वृद्ध की मौत की सूचना नहीं दी। मंगलवार को जब इसकी जानकारी चिकित्सक को हुई तो उन्होंने पुलिस को मीमो भेजकर वृद्ध की मौत की जानकारी दी।
करीब एक सप्ताह पहले कुछ लोग बीमारी की हालत में एक वृद्ध को उपचार के लिए सरकारी ट्रामा सेंटर लेकर आए थे। वृद्ध की उम्र करीब 60 साल थी। वृद्ध की हालत गंभीर होने पर उसको उपचार के लिए एमआईसीयू में भर्ती करा दिया। यहां वृद्ध का उपचार चल रहा था। रविवार को वृद्ध की उपचार के दौरान मौत हो गई। एमआईसीयू वार्ड में तैनात कर्मचारियों ने शव को पोस्टमार्टम हाउस में तो रखवा दिया, लेकिन इसकी सूचना मिली को नहीं दी। जिसके चलते पिछले दो दिनों से वृद्ध का शव पोस्टमार्टम हाउस में रखा सड़ रहा था।
मंगलवार सुबह इसकी जानकारी चिकित्सक को हुई तो उन्होंने स्टाफ से पूछताछ कर पुलिस को मीमो भेजकर वृद्ध की मौत की खबर दी। इससे वृद्ध के शव का पुलिस पोस्टमार्टम कराकर अंतिम संस्कार करा सकें। स्वास्थ्य विभाग के कर्मचारियों की लापरवाही का यह पहला मामला नहीं है। जुलाई माह में भी अस्पताल कर्मचारियों की लापरवाही के कारण पांच दिनों तक एक शव पोस्टमार्टम हाउस में सड़ता रहा। थानाध्यक्ष उत्तर नरेंद्र कुमार शर्मा का कहना है कि वृद्ध की मौत की सूचना मिली है। शव का पोस्टमार्टम कराकर अंतिम संस्कार किया जाएगा।