मुख्यमंत्री ने शिक्षकों को तीन माह में विभाग में मिलाने का आश्वासन दिया है।
पासवर्ड री-सेट कर एक दो नहीं, बल्कि 24 ई-संचरण नंबर जनरेट करते हुए लखनऊ की चंद्रकांता टाइल्स द्वारा करापवंचन का मामला पकड़ में आया तो वाणिज्य कर विभाग ने यह व्यवस्था ही बदल दी। अभी तक कर निर्धारण अधिकारी किसी भी फर्म का ई-मेल, मोबाइल नंबर पासवर्ड री-सेट कर सकते थे, लेकिन अब ऑनलाइन आवेदन अपलोड कर कर निर्धारण अधिकारी को हार्डकापी प्रस्तुत करनी होगी। व्यापारी की ई-मेल आईडी या मोबाइल नंबर पर पासवर्ड री-सेट किया जाएगा।
वाणिज्य कर कमिश्नर मुकेश मेश्राम ने सभी एडिशनल कमिश्नरों को निर्देश जारी किए हैं कि फारगॉट आप्शन पर पासवर्ड री-सेट करने का काम कर निर्धारण अधिकारी नहीं करेंगे। लखनऊ मुख्यालय चंद्रकांता टाइल्स मामले में कर निर्धारण अधिकारी की आईडी, पासवर्ड के दुरुपयोग की उच्च स्तरीय समिति से जांच करा रहा है। पुरानी व्यवस्था खत्म करते हुए वाणिज्य कर कमिश्नर ने निर्देश दिए हैं कि ऑनलाइन आवेदन पत्र अपलोड कर हार्डकापी कर निर्धारण अधिकारी को प्रस्तुत की जाएगी। अगर वह 24 घंटे के अंदर निर्णय लेते हुए आवेदन स्वीकार करते हैं तो व्यापारी के आईडी, मोबाइल पर री-सेट पासवर्ड लिंक पहुंच जाएगा। इस पर फारगॉट पासवर्ड आप्शन का प्रयोग कर व्यापारी खुद अपना पासवर्ड री-सेट करेंगे। हालांकि ई-संचरण की डाउनलोडिंग को शून्य करने या शुरू करने की शक्तियों का कर निर्धारण अधिकारी प्रयोग करते रहेंगे।
ई-रिटर्न 25 लाख टर्नओवर पर अनिवार्य
वाणिज्य कर विभाग ने 50 लाख से अधिक टर्न ओवर की जगह ई-रिटर्न के लिए अब 25 लाख रुपये का टर्न ओवर तय किया है। वाणिज्य कर कमिश्नर मुकेश मेश्राम के मुताबिक केंद्रीय बिक्री कर के प्रिंटेड फार्म प्राप्त करने के स्थान पर ऑन लाइन फार्म जनरेट होने की व्यवस्था शुरू की गई है। 25 लाख या इससे अधिक टर्न ओवर वाले व्यापारियों के लिए ऑन लाइन रिटर्न दाखिल किया जाना अनिवार्य किया गया है।