12एमएनपी-13-एक गांव में अधूरे पड़े शौचालय
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मैनपुरी। ग्राम पंचायतों को खुले में शौच से मुक्त करने के लिए अब शहर की तर्ज पर सामुदायिक शौचालयों का निर्माण कराया जाएगा। शासन के आदेश पर जिले के 169 गांवों का इसके लिए चयन किया गया है। जल्द ही गांवों में भूमि का चिह्नांकन कर निर्माण कार्य शुरू किया जाएगा।
ग्राम पंचायतों में हर घर में शौचालय के लिए शासन और प्रशासन प्रयास कर रहा है, लेकिन सक्षम लोगों के शौचालय न बनवाने के चलते खुले में शौच की प्रथा बंद नहीं हो पा रही है। इस पर शासन ने सामुदायिक शौचालय बनवाने का निर्णय लिया है। इसके लिए ऐसे गांवों का चयन किया गया है, जिनमें अनुसूचित जाति की आबादी 25 प्रतिशत से अधिक है। जिले में सर्वे के बाद ऐसे 169 गांवों का चयन किया गया है। इसमें दो लाख रुपये प्रति शौचालय के हिसाब से निर्माण कराया जाएगा। इसमें तीन महिला और तीन पुरुष शौचालय बनाए जाएंगे। जिला पंचायत राज विभाग ने इस पर काम शुरू कर दिया है। जल्द ही इन गांवों में निर्माण कार्य शुरू हो जाएगा।
ये हैं शासन की मंशा
सामुदायिक शौचालयों का निर्माण कराने के पीछे शासन की मंशा गांवों को खुले में शौच से मुक्त करना है। दरअसल कुछ गांवों में अभी भी ऐसे लोग हैं, जो शौचालयों का निर्माण नहीं करवा रहे हैं। ऐसे में गांव को ओडीएफ घोषित नहीं किया जा सकता है। अगर सामुदायिक शौचालयों का निर्माण हो जाएगा तो कम से कम ऐसे लोग इनका उपयोग कर सकेंगे।
वर्जन
शासन के आदेश के अनुसार जिले की 169 ग्राम पंचायतों में सामुदायिक शौचालय का निर्माण कराया जाना है। जल्द ही इसके लिए भूमि को चिह्नित किया जाएगा। धनराशि प्राप्त होने पर निर्माण कार्य भी शुरू करा दिया जाएगा।
स्वामीदीन, डीपीआरओ।