06एमएनपी-20-एक गांव में अधूरा पड़ा शौचालय
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मैनपुरी। ग्राम पंचायतों में बनने वाले सामुदायिक शौचालयों के निर्माण को लेकर अब ग्रामीण अभियंत्रण विभाग ने डीपीआरओ को पत्र भेजा है। पूर्व में कई बार वार्ता के बाद भी विभाग ने धनराशि देने के लिए खाता संख्या उपलब्ध नहीं कराई थी। अमर उजाला में खबर प्रकाशित होने के बाद अब विभाग अपना पल्ला झाडने में लगा हुआ है।
जिले की 552 ग्राम पंचायतों में सामुदायिक शौचालयों का निर्माण किया जाना है। शासन ने निर्माण के लिए ग्रामीण अभियंत्रण विभाग (आरईडी) को नामित किया है, लेकिन आरईडी द्वारा खाता उपलब्ध न कराने के कारण पंचायत राज विभाग खाते मेें धनराशि अंतरित नहीं कर पा रहा था। शुक्रवार को अमर उजाला ने मामले को प्रमुखता से प्रकाशित किया था। खबर प्रकाशित होने के बाद अब आरईडी अपने आप को बचाने में जुट गया है। आनन फानन में डीपीआरओ को विभाग की ओर से पत्र भेजा गया है जिसमें सामुदायिक शौचालय के निर्माण के लिए नक्शा व अन्य जरूरी अभिलेख मांगे गए हैं। जबकि पंचायत राज विभाग ये सारे अभिलेख पूर्व में ही उपलब्ध करा चुका है। कहीं न कहीं विभाग अपनी कमियों को छिपाने के लिए ऐसा कर रहा है। हालांकि फिर एक बार डीपीआरओ ने खाता संख्या उपलब्ध कराने की बात कही है।
वर्जन
पूर्व में आरईडी को सामुदायिक शौचालय निर्माण के लिए नक्शा व अन्य अभिलेख प्रेषित किए जा चुके हैं। लेकिन इसके बाद आज एक पत्र भेजा गया है, जिसमें ये सूचनाएं मांगी गई हैं।
स्वामीदीन, डीपीआरओ।