ताजमहल के दीदार के लिए अमेरिकी राष्ट्रपति बराक ओबामा को चमेली फर्श पर कुर्सी पर बैठाकर वेलवेट के शू कवर पहनाए जाएंगे। मुगल शहंशाह और उनकी बेगम की बेसमेंट में मौजूद असली कब्रों तक जाने के लिए गेट खुलवाया जाएगा। एएसआई ने लाल और नीले रंग के 200 वेलवेट शू कवर के आर्डर दिए हैं। ओबामा से पहले ताज में आने वाले वीवीआईपी मेहमानों को कॉटन के शू कवर ही पहनाए जाते रहे हैं।
ताजमहल में मुख्य गुंबद में प्रवेश से पहले नंगे पैर या शू कवर पहनकर ही पर्यटक जा सकते हैं। ओबामा और अमेरिकी प्रतिनिधिमंडल के लिए ऑटोमेटिक मशीन से शू कवर पहनने का विकल्प भी होगा, लेकिन अमेरिकी राष्ट्रपति के लिए चमेली फर्श पर कुर्सी रखी जाएगी।
अत्याधुनिक हो रहा वीवीआईपी टायलेट
वीवीआईपी टायलेट की दशा सुधारी जा रही है। ताजमहल संरक्षण सहायक कार्यालय के नजदीक रेड सैंड स्टोन प्लेटफार्म पर मौजूद इस टायलेट में अब तक पुरानी बाथ फिटिंग लगी हुई हैं। इसे अत्याधुनिक बनाया जा रहा है। शनिवार को काम शुरू हो गया। पूरे टॉयलेट में नई फिटिंग्स लगाई जा रही हैं।
स्टील और लकड़ी पर पॉलिश
ताजमहल में सफाई और रंगाई-पुताई शुरू हो चुकी है। मुख्य गुंबद और रैंप पर लगाई गई स्टील की रेलिंग पर अगले शुक्रवार को पॉलिश कर चमकाया जाएगा। लकड़ी की रैंप पर भी पालिश कराई जाएगी। शू स्टैंड और गमलों की रंगाई का काम भी चार दिन पहले ही खत्म कर लिया जाएगा।
22 को ताज आ सकते है रूसी प्रधानमंत्री
अमेरिकी राष्ट्रपति बराक ओबामा की 27 जनवरी को प्रस्तावित आगरा यात्रा के लिए तैयारियां तेजी से हो रही हैं। उनसे पहले प्रशासन के लिए रूस के प्रधानमंत्री दिमित्री मेददेव की ताज यात्रा भी चुनौती से कम नहीं होगी। 22 जनवरी को रूस के प्रधानमंत्री दिमित्री मेददेव आ सकते हैं। वह पूर्व में रूस के राष्ट्रपति रहते हुए ताजमहल का दीदार करने आ चुके हैं। एडीएम प्रोटोकाल अरुण कुमार के मुताबिक उनके पास रूसी प्रधानमंत्री की ताजमहल यात्रा का कोई कार्यक्रम नहीं आया है।