आगरा। गर्भवती महिलाओं और बच्चों के पोषण के लिए मिलने वाले पुष्टाहार में धांधली और भ्रष्टाचार पर लगाम लगाने के लिए लाभार्थियों की ई-केवाईसी कराई जा रही है। बाल विकास एवं पुष्टाहार विभाग ने 90 प्रतिशत लाभार्थियों की चेहरा पहचान प्रणाली (एफआरएस) और ई-केवाईसी का कार्य पूरा कर लिया है। अब आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को पोषण ट्रैकर एप पर पुष्टाहार सामिग्री के वितरण का फोटो लाभार्थी के साथ अपलोड करना होगा।
जिला कार्यक्रम अधिकारी मनोज कुमार मौर्या ने बताया कि जिले में 3004 आंगनबाड़ी केंद्र पर कुल 3,21,336 लाख लाभार्थियों में से 2,93,207 लाभार्थियों की एफआरएस व ई-केवाईसी पूरी हो चुकी है। शेष 10 प्रतिशत के एफआरएस को एक सप्ताह में पूरा कर लिया जाएगा। पुष्टाहार को आंगनबाड़ी कार्यकर्ता पोषण ट्रैकर एप से वितरित करेंगी। उन्हें पुष्टाहार सामिग्री वितरण करने के लाभार्थियों के साथ फोटो एप पर अपलोड करने होंगे। एप में पहले से ही लाभार्थी का चेहरा सेव रहेगा। दोनों फोटो के मिलान होने पर ही वितरण पूरा माना जाएगा।
गर्भवती और धात्री महिलाओं का आधार कार्ड होगा फेस कैप्चर
गर्भवती और धात्री महिलाओं की एफआरएस व ई-केवाईसी स्वयं के आधार कार्ड से की जाएगी। जिन लाभार्थियों पर आधार कार्ड नहीं होगा। वह स्वत: लाभ से वंचित हो जाएंगे। छह महीने से तीन साल तक के बच्चों को लाभ देने के लिए उनके माता-पिता या अभिभावक के आधार से एफआरएस करके पुष्टाहार का लाभ दिया जाएगा।