उत्तर प्रदेश के आगरा में पथरी के मरीजों की संख्या हर साल करीब डेढ़ गुना तक बढ़ रही है। चिकित्सक इसकी वजह जंक फूड, ज्यादा नमक खाना और खारा पानी पीना मान रहे हैं। इससे मल्टीपल यानी एक से अधिक पथरी हो रही है। एसएन मेडिकल कॉलेज में नॉर्थ जोन यूरोलॉजी सोसाइटी ऑफ इंडिया की कार्यशाला में डॉक्टरों ने इस पर चिंता जताई।
एम्स नई दिल्ली के डॉ. ऋषि नैय्यर ने बताया कि जंक फूड, शीतलपेय और भोजन में अधिक नमक खाने से शरीर में 3 से 5 गुना कठोर तत्व पहुंच रहा है। अगर पीने में खारा पानी इस्तेमाल हो रहा है तो कठोर तत्वों से पथरी बनने का खतरा तीन गुना बढ़ जाता है। इससे मल्टीपल पथरी बन रही है। इनका आकार 5 मिमी से अधिक होता है। दवाएं बेअसर होने पर ऑपरेशन करना पड़ रहा है। हालत ये है कि बच्चों-किशोरों में भी पथरी की परेशानी मिलने लगी है।
केजीएमयू के डॉ. विश्वजीत सिंह ने बताया पश्चिम उत्तर प्रदेश, राजस्थान, पंजाब और गुजरात स्टोन बेल्ट बनते जा रहे हैं। इन क्षेत्रों में भूगर्भ जलस्तर काफी गहरा है, इससे पानी में कई तरह के तत्व पथरी को बढ़ा देते हैं। दूध, मांस से मिलने वाली प्रोटीन से भी किडनी में पथरी की समस्या बढ़ रही है।
एम्स दिल्ली के यूरोलॉजी विभागाध्यक्ष डॉ. अमलेश सेठ ने बताया कि रोबोटिक तकनीकी से पथरी की सर्जरी आसान हो गई है। इससे मरीज जल्द कार्य करने लगते हैं। डाॅ. पीपी सिंह और डॉ. शैलेंद्र गोयल ने रोबोटिक्स इन यूरोलॉजी के बारे में प्रशिक्षण भी दिया।
एसएन के यूरोलॉजी विभागाध्यक्ष डॉ. प्रशांत लवानियां और प्राचार्य डॉ. प्रशांत गुप्ता ने सभी कोे प्रमाणपत्र दिए। वरिष्ठ चिकित्सक डॉ. मधुसूदन अग्रवाल ने कहा कि देर तक बैठकर कार्य करने, धूम्रपान-एल्कोहल और शारीरिक गतिविधियां कम करने से यौन रोग और मूत्राशय से जुड़ी बीमारियां भी बढ़ रही हैं।
इन बातों का रखें ख्याल-
- पैदल अधिक चलें और साइकिल चलाएं।
- नमक कम खाएं, जंक-फास्ट फूड से बचें।
- खारा पानी न पीएं, पानी खूब पीएं, जिससे पेशाब बने।
- पेशाब को अधिक देर तक न रोकें।
- बैठने का कार्य अधिक है तो अंतराल में चहलकदमी करें।