जानकारी दुरुस्त कराने को भी आ रहे आवेदन
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नागरिकता कानून लागू होने के बाद नगर निगम और एसएन मेडिकल कॉलेज में जन्म-मृत्यु प्रमाणपत्र बनवाने के लिए प्रार्थना पत्रों की संख्या लगातार बढ़ रही है। अफसर बता रहे हैं कि पिछले दो सप्ताह से प्रमाणपत्र लेने के लिए प्रार्थनापत्रों की संख्या लगभग दो गुनी बढ़ी है। प्रमाणपत्रों की त्रुटियां सुधारने के लिए भी लोग पहुंच रहे हैं।
नगर निगम में जन्म और मृत्यु प्रमाण के लिए 110-130 आवेदन आ रहे हैं। बीते 15 दिन पहले की बात करें तो यह संख्या 60-80 रहती थी। यही हाल एसएन मेडिकल कॉलेज का है। यहां पर जन्म और मृत्यु प्रमाण पत्र लेेने के लिए परिजन 10-15 दिन बाद पहुंचते थे, अब तीन-पांच दिन में ही पहुंच रहे हैं।
औसतन रोजाना एसएन में 50-60 लोग प्रमाणपत्र लेने आ रहे हैं। एसआईसी डॉ. एसके मजूमदार ने बताया कि एसएन में जन्म और इलाज के दौरान मौत होने वाले मरीजों के प्रमाणपत्र लेेने के लिए भी लोग अब जल्द आ रहे हैं।
जल्द प्रमाणपत्र बनाने के दिए हैं निर्देश
जन्म और मृत्यु प्रमाणपत्र बनवाने के आवेदनों में बढ़ोत्तरी हुई है। कर्मचारियों को भी आवश्यक दस्तावेज लेकर इनको जल्द बनवाने के लिए निर्देशित किया है। -डॉ. एमएम अग्रवाल, वरिष्ठ नगर स्वास्थ्य अधिकारी नगर निगम
त्रुटियां भी सुधारने को दे रहे प्रार्थना पत्र
जिनके प्रमाणपत्र पहले बन चुके हैं और उसमें नाम, स्पेलिंग, पता, उम्र समेत अन्य त्रुटियां होने पर इनको ठीक कराने के लिए भी लोग आ रहे हैं। सबसे ज्यादा मृत्यु प्रमाणपत्रों में सुधार के मामले हैं।
अस्पताल में मौत होने या फिर सामान्य मौत के वक्त सटीक जानकारी नहीं भरने में लापरवाही रहती है, बाद में अन्य प्रमाणपत्रों से इसका मिलान करने पर गड़बड़ी मिलती है, फिर इसे सुधार के लिए प्रार्थनापत्र दिया जा रहा है।
पता नहीं कब जरूरत पड़ जाए: बच्चों के जन्म प्रमाणपत्र अभी तक नहीं बनवाए थे, अब प्रार्थना पत्र दे दिया है। सरकारी कामकाज में यह काम ही आएगा। -मनीष कुमार, सेवला
मां की मृत्यु का प्रमाणपत्र बनवाने के लिए प्रार्थना पत्र दिया है। इसकी जरूरत कब पड़ जाए, क्या पता। -साजिद खान, ट्रांस यमुना कॉलोनी
बच्ची का जन्म प्रमाणपत्र नहीं था, स्कूल में प्रवेश को भी अनिवार्य है, अन्य सरकारी कार्यों में भी काम आएगा।-रामवीर सिंह, खंदौली
कई दिनों से प्रमाणपत्र के लिए चक्कर काट रहा था। कई सरकारी कार्यों में जन्म-मृत्यु प्रमाण पत्रों की जरूरत पड़ रही है। -सोहन कुमार, बालूगंज
प्रमाणपत्र के लिए प्रार्थना पत्र दिया है, आवश्यक कागजात भी जमा कर दिए हैं। 10 दिन बाद बुलाया है। -आशीष कुमार, शिकोहाबाद