बारिश और ओलावृष्टि के बाद अब आग से गेहूं की फसल तबाह हो रही है। शनिवार को अलग-अलग स्थानों पर आग लगने से लगभग 29 बीघा फसल जलकर राख हो गई। वहीं, गेहूं की पैदावार कम होने से सदमे से तीन किसानों का दम निकल गया।
बाह के रामपुर चंद्रसैनी गांव में उदयवीर सिंह का 8 बीघा खेत गांव के विष्णु और जगदीश ने उगाही पर लिया था। इसमें गेहूं की फसल थी। पास ही कालीचरन के खेत में 6 बीघा गेहूं थे। बारिश से हुए नुकसान के आकलन सेे पहले शनिवार दोपहर विद्युत लाइन की चिंगारी सेे दोनों खेतों में आग लग गई। ग्रामीण और फायर ब्रिगेड ने जब तक आग पर काबू पाया। तब तक दोनों की फसल जल गई। वहीं, बड़ागांव में हनुमान मंदिर के पास पडे़ कूडे़ में किसी ने आग लगा दी। एक चिंगारी कल्यान के गेहूं के खेत में जाकर गिरी तो वहां आग लगने से 5 बीघा खेत में खड़ी गेहूं की फसल जल गई। कल्यान नेे रंजिशन आग लगाने का आरोप लगाया है। बरहन थाना क्षेत्र के गांव बास केशों में दिनेश सिंह की रखी आठ बीघा गेहूं की फसल में शुक्रवार रात लगभग 10 बजे आग लग गई। सूचना पर पहुंची फायरब्रिगेड ने आग पर काबू पाया। आग लगने का कारण पता नहीं चल सका है। अछनेरा के कचोरा गांव में शनिवार सुबह 10 बजे विद्युत लाइन में हुए फाल्ट से नरेंद्र सिंह के लगभग एक बीघा खेत में कटी रखी गेहूं की फसल जल गई। वहीं, बांकेलाल की लगभग एक बीघा गेहूं फसल में आग लग गई। ग्रामीणों ने किसी तरह आग पर काबू पाया।
शिवनाथ को उम्मीद थी 36 बोरे गेहूं की, निकले चार
बाह। पिढ़ौरा के गुर्जा शिवलाल गांव में नौ बीघा रकबा में चार बोरी गेहूं निकला देख शिवनाथ (70) की सदमे से मौत हो गई। बता दें कि बारिश और ओलावृष्टि से फसल तबाह होने के बाद नुकसान का मुआवजा तक नहीं मिला। उनका पुत्र रघुराज बाहर नौकरी करता है। उसे उन्होंने फसल घर लाने के लिए बुलाया था। 36 बोरा गेहूं निकलने की उम्मीद थी, लेकिन चार बोरा गेहूं निकला देख शनिवार शाम चार बजे शिवनाथ को सदमा लग गया। परिवारीजन इलाज के लिए ले जा रहे थे। तभी मौत हो गई।
रात को सोए थे, सुबह मृत मिले थान सिंह
मलपुरा। जगनेर रोड स्थित गांव लालऊ निवासी थान सिंह (59) के नाम लगभग आठ बीघा जमीन है। उन्होंने छह बीघा में गेहूं बोए थे। बाकी में सरसों और आलू। थान सिंह के बेटे बनवारी ने बताया कि ओलावृष्टि से सरसों और आलू की फसल बर्बाद हो गई। शुक्रवार शाम गेहूं की खंदाई कराई तो एक बीघा में लगभग आठ क्विंटल ही गेहूं निकला है। वे रात को सो गए तो सुबह आंख ही नहीं खुली।
तीन विकलांग बेटों मां केशमती को पड़ा दिल का दौरा
किरावली। थाना मलपुरा के गांव नगला खड़िया डावली निवासी केशमती (56) पत्नी दिवंगत राजेंद्र सिंह के साढ़े तीन बीघा गेहूं में 35 हजार रुपये लागत आई। परिवार के पवन कुमार ने बताया कि एक बीघा खेत में लगभग आठ क्विंटल गेहूं निकला। यह देख उन्हें अटैक पड़ गया। निजी अस्पताल ले गए। वहां उन्हें मृत घोषित कर दिया गया। केशमती के चार बेटे हैं। इनमें केवल सिंह (28), डिगंबर सिंह (26), अर्जुन सिंह (24) तीनों विकलांग हैं। सबसे छोटा चंद्रवीर सिंह (22) हाईस्कूल तक पढ़ा है। घटना की सूचना पर तहसीलदार इंद्र नंदन सिंह, ग्रामप्रधान डावली सुजान सिंह, क्षेत्रीय विधायक ठाकुर सूरजपाल सिंह ने गांव पहुंचकर जानकारी जुटाई।