सेंट्रल केबिन या सिग्नल सिस्टम की तकनीकी खराबी और रिले ट्रांसमिशन में आपात स्थिति आने पर अब ट्रेनों का संचालन लंबे समय तक प्रभावित नहीं होगा। स्टेशन मास्टर आपात स्थिति में तकनीकी कर्मचारियों का इंतजार किए बिना रिले रूम खोल सकेंगे।
बड़े स्टेशनों के रिले रूम और इलेक्ट्रॉनिक इंटरलॉकिंग रूम में स्वचालित फायर अलार्म की व्यवस्था की जा रही है। साथ ही आग लगने पर अन्य आपात एजेंसियों से तत्काल संपर्क के लिए संचार प्रोटोकॉल तय किया गया है। जनसंपर्क अधिकारी संजय कुमार गौतम ने बताया कि नए प्रोटोकॉल के तहत आपात स्थिति में स्टेशन मास्टर रिले रूम की चाबी का इस्तेमाल कर सकेगा। चाबी खोलने और इस्तेमाल की पूरी जानकारी रिले रूम रजिस्टर में दर्ज करनी होगी।
स्थिति सामान्य होने के बाद तकनीकी कर्मचारी कमरे को दोबारा सील करेंगे। इससे आपात स्थिति में रिले रूम तक पहुंचने में होने वाली देरी कम होगी और शुरुआती कार्रवाई जल्द शुरू की जा सकेगी। नई व्यवस्था में रिले और इलेक्ट्रॉनिक इंटरलॉकिंग रूम की फायर सेफ्टी के साथ सिग्नलिंग व्यवस्था की निगरानी और रखरखाव पर भी जोर दिया गया है। गौरतलब है कि 18 अप्रैल की रात को मथुरा स्टेशन के रिले रूम में आग लगने के बाद यह व्यवस्था लागू की गई।