मैनपुरी। बढ़ते कोरोना संक्रमण तथा हाईकोर्ट की गाइड लाइन के तहत अब सत्र न्यायालयों में वीडियो कांफ्रेंसिंग के माध्यम से जेल के बंदियों का रिमांड होगा। बंदियों का रिमांड देने के लिए जिला जज अनिल कुमार ने तीन न्यायिक अधिकारी नामित किए हैं।
हाईकोर्ट की गाइड लाइन के तहत अब अदालतों में वादकारियों और बंदियों की भीड़ कम करने की कवायद शुरू की गई है। सत्र न्यायालय में लंबित चल रहे मुकदमों में जेल में निरुद्ध बंदियों को रिमांड देने के लिए जेल से अदालत नहीं लाया जाएगा। बंदियों को अब जेल से ही वीडियो कांफ्रेंसिंग के माध्यम से रिमांड दिया जाएगा।
सत्र न्यायालय के लंबित मुकदमों के बंदियों को वीडियो कांफ्रेंसिंग से रिमांड देने के लिए जिला जज अनिल कुमार ने तीन न्यायिक अधिकारी नामित कर दिए हैं। स्पेशल जज रेप एंड पॉक्सो एक्ट अनीता द्वारा सोमवार और मंगलवार, अपर जिला जज निधि द्वारा बुधवार और बृहस्पतिवार के अलावा स्पेशल जज ईसी एक्ट पूनम राजपूत द्वारा शुक्रवार और शनिवार को जेल के बंदियों को वीडियो कांफ्रेंसिंग के माध्यम से रिमांड दिए जाएंगे।
जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के सचिव सत्येंद्र कुमार चौधरी ने बताया कि जिला जज के आदेश के संबंध में सभी संबंधित न्यायिक अधिकारियों को सूचना दे दी गई है।