मैनपुरी। प्रधान डाकघर घोटाले में अब चार लाख रुपये का फर्जी किसान विकास पत्र जारी किए जाने का मामला सामने आया है। बृहस्पतिवार को एक युवक जांच के लिए किसान विकास पत्र लेकर डाकघर पहुंचा। कर्मचारियों ने जांच के बाद जब कागज फर्जी बताया तो उसके पैरों तले जमीन खिसक गई। काफी देर परेशान होने के बाद युवक उच्चाधिकारियों से मामले की शिकायत कहने की बात कहकर चला गया।
मैनपुरी के गांव नगला डाल मिर्जापुर निवासी रामदास ने लगभग पांच माह पूर्व प्रधान डाकघर में अपनी पत्नी अनारश्री के नाम से चार लाख रुपये का किसान विकास पत्र 22 अप्रैल 2023 को खरीदा था। उन्हें ऑनलाइन प्रकाशित अभिलेख डाकघर की मुहर लगाकर दिए गए थे। निर्धारित समय बाद उन्हें दोगुना भुगतान किए जाने का लिखित आश्वासन भी दिया गया था। प्रधान डाकघर में सामने आ रहे गबन के बाद बृहस्पतिवार को रामदास प्रधान डाकघर पहुंचे।
यहां उन्होंने किसान विकास पत्र की जांच कराई। जांच के बाद जैसे ही उन्हें जानकारी दी गई कि अभिलेख फर्जी है तो उनके पैरों के नीचे से जमीन खिसक गई। उन्हें समझ नहीं आ रहा था कि आखिर उनके चार लाख रुपये का गबन कर लिया गया है। काफी देर तक वे दोबारा जांच करने की बात कहते रहे, लेकिन कर्मचारी ने हर बार जांच कर अभिलेख फर्जी ही बताया।
इसके बाद वे अभिलेख लेकर पोस्टमास्टर के पास पहुंचे। यहां भी वही बात बताई गई कि अभिलेख फर्जी हैं। काफी देर परेशान होने के बाद रामदास उच्चाधिकारियों से मामले की शिकायत करने की बात कहकर चला गया।
अब तक नहीं हो सका है तीन भाइयों की शिकायत का निस्तारण
एक सप्ताह से भटक रहे गढि़या निवासी तीन भाइयों की शिकायतों का निस्तारण अभी तक नहीं हो पाया है। दरअसल उनके खातों से दो-दो लाख रुपये हिसाब से कुल छह लाख रुपये गायब हो गए थे। मुख्यमंत्री पोर्टल पर ऑनलाइन शिकायत के बाद पुलिस ने डाकघर पहुंचकर जांच की थी। इसमें डाकघर प्रशासन ने जांच कर रुपये वापस दिलाने की बात कही थी। लेकिन बीते एक सप्ताह से तीनों भाइयों से चक्कर ही लगवाए जा रहे हैं। वे रोजाना डाकघर आते हैं, लेकिन उनकी समस्या का निस्तारण नहीं हो रहा है।