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अब ‘तारीख पे तारीख’ से मुक्ति

Sun, 24 Jan 2016 12:54 AM IST
ब्यूरो, अमर उजाला, आगरा
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न्याय की आस में वर्षों से राजस्व न्यायालयों के चक्कर काट रहे वादकारियों को राहत मिलने वाली है। प्रदेश सरकार ने उत्तर प्रदेश राजस्व संहिता-2006 में संशोधन अध्यादेश पारित कर इसे 11 फरवरी से लागू करने निर्णय लिया है। संशोधित अध्यादेश कई ऐसे प्रावधान हैं जिनसे वादकारियों को ‘तारीख पे तारीख’ से मुक्ति  मिल जाएगी। न्यायिक अधिकारियों की नियुक्तियों से अदालतों का काम भी तेज होगा।  
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शनिवार को कलेक्ट्रेट के वार्षिक निरीक्षण के लिए आए राजस्व बोर्ड के अध्यक्ष अनिल कुमार गुप्ता ने यह जानकारी दी। बताया कि राजस्व परिषद अपग्रेड हुआ है। अब हाईकोर्ट-सुप्रीम कोर्ट की तरह निर्णय की तारीख आनलाइन की जाएगी। वकीलों की सुविधा के लिए स्क्रीन लगाई जाएगी। नक्शों का डिजीटाइजेेशन जल्द शुरू होगा। लेखपालों को लैपटाप दिए जाएंगे। यही नहीं, अब मंडल स्तर पर अपर आयुक्त न्यायिक, जिला स्तर पर अपर जिलाधिकारी न्यायिक और तहसील स्तर पर उपजिलाधिकारी और तहसीलदार न्यायिक नियुक्त होंगे। ये केवल न्यायिक कार्य करेंगे। उन्होंने कहा कि राजस्व वादों का निस्तारण बड़ी चुनौती है। 18 लाख लंबित वादों में से तमाम कोशिशों के बावजूद अब भी सात लाख निस्तारित होने हैं।
मार्च तक 13600 नए लेखपाल
अनिल कुमार गुप्ता ने बताया कि प्रदेश में 1600 नए राजस्व निरीक्षक नियुक्त हो चुके हैं। 31 मार्च  तक 13600 नए लेखपालों की भर्ती के लिए साक्षात्कार प्रक्रिया पूरी करा दी जाएगी। शहरी क्षेत्र में लेखपालों की संख्या दोगुनी होगी। इससे भूमि प्रबंधन और विभिन्न योजनाओं का क्रियान्वयन तेज होगा।
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तहसीलों को मिलेंगे नए भवन
राजस्व बोर्ड अध्यक्ष ने बताया कि आगरा की सदर तथा बाह तहसील के नए भवनों का निर्माण पूरा हो चुका है।  मार्च तक प्रदेश में 60 तहसीलों के नए भवन बन जाएंगे। अगले वित्तीय वर्ष के लिए एत्मादपुर तथा खेरागढ़ समेत 60 और तहसीलों के नए भवनों को मंजूरी मिल चुकी है।
नई शस्त्र नीति जल्द
अनिल कुमार गुप्ता ने बताया कि शस्त्र के संबध में जल्द ही नई नीति बनेगी। मालखानों में वर्षों से इतने अधिक शस्त्र जमा हो चुके हैं कि उन्हें संभालना मुश्किल है। नई नीति से इनका निस्तारण आसान होगा।
मुगलकालीन दस्तावेजों का खास ख्याल  
निरीक्षण के दौरान कर्मचारियों ने गुप्ता को मुगलकालीन दस्तावेज भी दिखाए। कलेक्ट्रेट में इन्हें सुरक्षित ढंग से रखा गया है। उन्होंने कहा कि इन दस्तावेजों को डिजिटाइजेशन कराकर इन्हें और सुरक्षित किया जाएगा। इन दुर्लभ दस्तावेजों को इलाहाबाद बन रहे हेरीटेज भवन में प्रदर्शित किया जाएगा।
पहले कलेक्ट्रेट, फिर तहसील
राजस्व बोर्ड अध्यक्ष शनिवार सुबह करीब 10.30 बजे कलेक्ट्रेट पहुंचे। गार्ड आफ आनर के बाद उन्होंने कलेक्ट्रेट का निरीक्षण किया। रिकार्ड रूप में चेक किया और अन्य दस्तावेज देखे। इसके बाद उन्होंने तहसील सदर का निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान डीएम पंकज कुमार, अपर जिलाधिकारी प्रशासन हरनाम सिंह, अपर जिलाधिकारी नगर राजेश कुमार श्रीवास्तव, नगर मजिस्ट्रेट रेखा एस चैहान और अन्य अधिकारी मौजूद रहे।
अधिवक्ताओं ने बार हाल के सुधार की मांग की
कलेक्ट्रेट बार एसोसिएशन का प्रतिनिधिमंडल अध्यक्ष बिजेंद्र सिंह रावत के नेतृत्व में राजस्व बोर्ड अध्यक्ष से मिला। वकीलों ने बार हाल के उचित रखरखाव और लाइब्रेरी की स्थापना की मांग की। राजस्व संहिता के संशोधन पर चर्चा हुई। प्रतिनिधिमंडल में लोकेंद्र शर्मा, शैलराज सिंह, अशोक चौबे, टीपी सिंह, केएस तिवारी,  भारत सिंह राका, नित्य किशोर पचौरी, बलवीर सिंह, हरीश बत्रा, रवि चौबे, वेद प्रकाश आदि शामिल रहे।
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