डा. बीआरए यूनीवर्सिटी के छात्रों के लिए परीक्षा समिति ने बड़ी सौगात दी है। अब परीक्षार्थियों की एक नंबर कम होने पर फर्स्ट और सेकेंड डिवीजन नहीं रुकेगी। ऐसे छात्रों को एक अंक का कृपांक दिया जाएगा। दो पेपरों में 35 फीसदी अंक पाने वाले के तीसरे पेपर में 25 अंक हैं तो ही उसे 10 अंकों का कृपांक मिलेगा। शुक्रवार को खंदारी कैंपस स्थित कुलपति आवास पर हुई मीटिंग में छह एजेंडे रखे गए। कृपांक की बहाली पर सभी सदस्यों ने छात्र हित में सहमति जताई। जिन कालेजाें के प्रैक्टिकल अंक मिल गए हैं, उनका जल्द परिणाम जारी करने, प्रैक्टिकल से वंचित छात्रों से शुल्क लेकर दोबारा परीक्षा कराए जाने पर भी निर्णय हुआ। एक छात्र की उस मांग को भी ठुकरा दिया, जिसमें उसने 2003 में एमए प्रथम वर्ष किया था, अब वह फाइनल में प्रवेश की मांग कर रहा था। कुलसचिव केएन सिंह ने बताया कि एक अंक कम होने पर छात्र को प्रोत्साहित करते हुए फर्स्ट डिवीजन के लिए एक अंक का कृपांक दिया जाएगा। इन प्रस्तावों पर शनिवार को कार्य परिषद की मीटिंग में रखा जाएगा, जहां से मुहर लगते ही लागू कर दिया जाएगा। मीटिंग में कुलपति प्रो. मोहम्मद मुजम्मिल, प्रो. यशपाल सिंह, डा. बहादुर सिंह, डा. आशा, डा. विनीता सिंह रहे।
औसत अंक देकर पास करने पर निर्णय
बीएससी रसायन विज्ञान के पहले पेपर में आउट आफ कोर्स सिलेबस आने से फेल छात्रों को औसत पासिंग मार्क दिए जाएंगे। 2013-14 के यूजी-पीजी छात्रों को जिनका रिजल्ट किसी कारण से रुका हुआ है, उनको भी औसत अंक देने पर सहमति बनी।
एलएलबी प्रकरण का पुन: मूल्यांकन
एलएलबी प्रकरण में परीक्षा समिति ने विश्वविद्यालय की ओर से गठित कमेटी की रिपोर्ट को मान लिया है। इसमें अन्य विश्वविद्यालय के विधि शिक्षकों द्वारा पुर्न मूल्यांकन कराया जाएगा। बता दें कि आगरा कालेज और एएम कालेज छाता के एलएलबी में 80 फीसदी छात्र फेल हैं।
सुनील कुमार की पहली मार्कशीट ही मान्य
बीएड घोटाले का पर्दाफाश करने वाले सुनील कुमार की दो मार्कशीट पर परीक्षा समिति ने निर्णय लिया। इसमें विश्वविद्यालय की ओर से जारी पहली मार्कशीट को ही मान्य माना। बता दें कि मैनपुरी के इस युवक को विश्वविद्यालय दो मार्कशीट जारी की थी। दूसरी मार्कशीट में बढ़े हुए अंक थे, इसमें से असली कौन सी मार्कशीट है, ये जानने के लिए कोर्ट का दरवाजा खटखटाया था।
एजेंडे में ही शामिल नहीं बीएड फर्जी मार्कशीट
समिति की मीटिंग में बीएड 2004 सत्र की फर्जी मार्कशीट प्रकरण को एजेंडे में ही शामिल नहीं किया। जबकि कुलसचिव ने बीते दिनों इसे समिति के समक्ष रखने की बात कही थी। बता दें कि बीएड फर्जीवाड़े की जांच कर रही स्पेशल इन्वेस्टीगेशन टीम ने सत्र 2004 की 8000 में 5332 मार्कशीट फर्जी पाई। यह रिपोर्ट विश्वविद्यालय अधिकारियों को भी भेजी थी।
सदस्यों को ई-मेल से मिलेगा एजेंडा
परीक्षा समिति के सदस्य डा. यशपाल सिंह ने विश्वविद्यालय को 2017 सेशन में त्रुटियों से बचने के लिए अभी से कार्ययोजना बनाने की सलाह दी। कुलपति ने सभी सदस्यों की ई-मेल आईडी नोट करवाई है।
ये भी लिए निर्णय:
विकलांग परीक्षार्थियों को राइटर के साथ परीक्षा के तय समय से एक घंटा अतिरिक्त
2012-2014 के ओल्ड कोर्स के छात्र (जिन्होंने नए कोर्स में परीक्षा दी) उनको अनुपातित अंक
एमएड और बीएड 2015-17 की जल्द परीक्षा कराए जाने