फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

अब आगरा को यूनेस्को से वर्ल्ड हेरिटेज सिटी का दर्जा दिलाने की कवायद

Sun, 09 Sep 2018 03:24 PM IST
अमित कुलश्रेष्ठ, अमर उजाला, आगरा
विज्ञापन
Taj Mahal
विज्ञापन

मुगलिया दौर में देश की राजधानी रहे आगरा में यूं तो चप्पे-चप्पे पर मुगलिया वैभव और विरासत दिखती हैं, लेकिन हेरिटेज सिटी के लिए अहमदाबाद की तर्ज पर पुराने शहर का हिस्सा ही चुना जा सकता है। मुगलकाल में शहर की सुरक्षा के लिए ताजमहल से लेकर जसवंत सिंह की छतरी, बल्केश्वर तक सिटी वॉल बनाई गई थी, जिसकी दीवार तो ध्वस्त हो गई, लेकिन कई गेट मौजूद हैं।

विज्ञापन

 
199 संरक्षित स्मारक, 3 यूनेस्को के दर्जे वाले विश्व धरोहर स्मारक, 5 हजार साल पुराना इतिहास और ब्रज की संस्कृति का महत्वपूर्ण हिस्सा। यह सब है आगरा में, जिसे अब यूनेस्को से वर्ल्ड हेरिटेज सिटी का दर्जा दिलाने की कवायद शुरू हो रही है। 

अहमदाबाद के सेंटर फार एनवायरमेंटल प्लानिंग एंड टेक्नोलॉजी यूनिवर्सिटी ने हेरिटेज सिटी के लिए डोजियर बनाया था, उसमें अहमदाबाद का वह हिस्सा शामिल किया गया, जिसे सुल्तान अहमद शाह ने 15वीं सदी में साबरमती नदी के किनारे बसाया था। इसमें अहमदाबाद के पुराने शहर में साबरमती नदी से लेकर तीन ओर दीवार बनाई गई। हेरिटेज सिटी में उसी दीवार तक के हिस्से को चिह्नित किया गया है। हर स्मारक, इमारत का ब्योरा लिया गया है। 
विज्ञापन


मुगलिया सिटी वाल में थे आठ दरवाजे

आगरा में एक नहीं बल्कि तीन सुरक्षा दीवार रही हैं। सिकंदर लोदी के काल में बांईपुर तक सुरक्षा दीवार थी, एक अन्य दीवार चारसू गेट वाली थी, जबकि मुगलिया दौर में 8 दरवाजों वाली सिटी वॉल रही है। छिंगा मोदी पुल, दिल्ली गेट, कंस गेट ही इस सुरक्षा दीवार में अब बाकी बचे हैं। बाकी सभी गेट और दीवार का हिस्सा ध्वस्त हो चुका है। राजा जयसिंह के बनवाए नक्शे में यह दीवार और गेट दिखाई देती है। ताजमहल, आगरा किला समेत ज्यादातर स्मारक इसी दीवार के अंदर थे। 

विज्ञापन

पुरानी दिल्ली, लुटियंस जोन का गया था प्रस्ताव

वर्ल्ड हेरिटेज सिटी के लिए अहमदाबाद के साथ ही दिल्ली का भी प्रस्ताव गया था, लेकिन इसमें केवल पुरानी दिल्ली चांदनी चौक का इलाका और ब्रिटिश काल में बनाए गए लुटियंस जोन यानी नई दिल्ली का हिस्सा ही चिह्नित करके भेजा गया था। लुटियन्स जोन में तब केंद्र सरकार की कई योजनाएं और इन्फ्रास्ट्रक्चर के काम चल रहे थे, लेकिन बाद में केंद्र सरकार ने दिल्ली को हेरिटेज सिटी का दर्जा देने का प्रस्ताव ही वापस ले लिया। 
 
हेरिटेज सिटी के लिए क्या नियम हैं, क्या कवायद होगी, इसके लिए दो दिन के भ्रमण पर टीम अहमदाबाद जा रही है। वहां प्लानिंग से लेकर क्रियान्वयन तक को देखा जाएगा। उसी आधार पर आगरा के लिए कार्य योजना तैयार होगी
विजय कुमार, अपर नगर आयुक्त
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें